बिहार में शिव मंदिर पर्यटन सर्किट | 09 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
बिहार सरकार राज्य में भगवान शिव को समर्पित प्रमुख मंदिरों को आपस में जोड़ते हुए ‘शिव मंदिर पर्यटन सर्किट’ विकसित करने की योजना बना रही है, ताकि पटना, नालंदा और गया जैसे पारंपरिक स्थलों से आगे बढ़कर आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
मुख्य बिंदु:
- प्रस्ताव: बिहार विधानसभा में शिव मंदिरों तक संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने पर हुई चर्चा के दौरान सड़क निर्माण मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने शिव सर्किट विकसित करने की घोषणा की।
- उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, भगवान शिव से जुड़ी ऐतिहासिक एवं पौराणिक विरासत का संरक्षण करना तथा आगंतुकों को राज्य के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिये प्रोत्साहित करना है।
- मंदिरों की सूची की तैयारी:
- अजगैबीनाथ धाम
- बुधनाथ मंदिर
- हरिहरनाथ मंदिर
- उग्रनाथ (उगना) महादेव मंदिर
- ब्रह्मेश्वरनाथ मंदिर
- अशोक धाम
- अंतर-विभागीय समन्वय: पर्यटन, परिवहन एवं सड़क निर्माण विभाग मिलकर मंदिर स्थलों के बीच सड़कें, पर्यटन सुविधाएँ और बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करेंगे।
- यह प्रस्तावित सर्किट बुद्ध सर्किट और रामायण सर्किट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जो पहले से ही बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
- महत्त्व: शिव सर्किट से बिहार के धार्मिक पर्यटन क्षेत्र को मज़बूती मिलेगी, अवसंरचना में सुधार होगा, तीर्थ यात्राओं में वृद्धि होगी तथा राज्य के नगरों में रोज़गार एवं स्थानीय आर्थिक अवसरों का सृजन होगा।