शीतल देवी बनीं 2025 की ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर’ | 01 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
अंतर्राष्ट्रीय पैरा-आर्चरी प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये भारतीय पैरा-आर्चरी शीतल देवी को विश्व तीरंदाज़ी पुरस्कारों में 'पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025' के अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
मुख्य बिंदु
- ऐतिहासिक उपलब्धि: जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय एथलीट शीतल देवी विश्व पैरा तीरंदाज़ी चैंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली और एकमात्र बिना भुजाओं (armless) वाली महिला तीरंदाज़ बनीं।
- विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण: उन्होंने दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में आयोजित चैंपियनशिप में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्द्धा में स्वर्ण पदक जीता।
- उसी चैंपियनशिप में उन्होंने महिला टीम स्पर्द्धा में रजत पदक तथा मिश्रित टीम स्पर्द्धा में कांस्य पदक भी जीता, इस प्रकार उन्होंने पदकों का पूर्ण सेट प्राप्त किया।
- अन्य उपलब्धियाँ: उन्होंने पेरिस पैरालंपिक, 2024 में कांस्य पदक तथा एशियाई पैरा स्पोर्ट्स 2022 में रजत पदक भी जीते।
- उन्हें वर्ष 2024 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- विशिष्ट तकनीक: बिना भुजाओं के जन्म लेने के कारण शीतल देवी अपने पैरों, टांगों तथा कंधे का उपयोग कर धनुष को खींचती और छोड़ती हैं, जो इस खेल में उनके असाधारण कौशल और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
- अन्य पुरस्कार:
- आर्चर ऑफ द ईयर: तुर्की के एमिरकान हाने।
- यंग आर्चर ऑफ द ईयर: फ्राँस के बैप्टिस्ट एडिस।
- वर्ष की सर्वश्रेष्ठ टीम: दक्षिण कोरिया की पुरुष रिकर्व तीरंदाज़ी टीम।
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