सर्बानंद सोनोवाल ने विझिंजम बंदरगाह क्षमता विस्तार कार्यों का उद्घाटन किया | 28 Jan 2026

चर्चा में क्यों?

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह के क्षमता विस्तार कार्यों का उद्घाटन किया।

मुख्य बिंदु:

  • विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह: तिरुवनंतपुरम के निकट स्थित विझिंजम भारत का पहला गहरे जल वाला ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह है, जो अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के पास रणनीतिक रूप से स्थित है।
  • त्वरित की गई समय-सीमा: मूल रूप से वर्ष 2045 तक पूर्ण होने वाली परियोजना के बाद के चरणों को वर्ष 2024 में किये गए एक पूरक समझौते के माध्यम से लगभग 17 वर्ष पहले ही आगे बढ़ा दिया गया। अब पूरी परियोजना दिसंबर 2028 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • भारी निवेश: इस विस्तार में लगभग ₹16,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश शामिल है, जिससे कुल परियोजना लागत लगभग ₹30,000 करोड़ हो जाएगी।
  • अवसंरचना विस्तार:
    • बर्थ विस्तार: मौजूदा कंटेनर बर्थ को 2 किलोमीटर की निरंतर लंबाई तक बढ़ाया जाएगा, जिससे यह भारत का सबसे लंबा बर्थ बन जाएगा।
    • थ्रूपुट क्षमता: कुल परिचालन क्षमता पाँच गुना बढ़कर प्रतिवर्ष 1 मिलियन TEUs से 5.7 मिलियन TEUs हो जाएगी।
    • हैंडलिंग क्षमता: बंदरगाह को एक साथ पाँच मदर वेसल्स और 28,000 TEUs तक की क्षमता वाले भावी पीढ़ी के कंटेनर जहाज़ों को सॅंभालने के लिये सुसज्जित किया जाएगा।
  • परिचालन सफलता: 3 दिसंबर, 2024 को वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने वाले चरण-I ने कुछ ही हफ्तों में 130% से अधिक क्षमता उपयोग दर्ज किया और 14.3 लाख से अधिक TEUs का संचालन किया।
  • रणनीतिक महत्त्व: यह विस्तार मैरीटाइम विज़न 2030 और अमृत काल विज़न 2047 के तहत विश्व-स्तरीय समुद्री अवसंरचना विकसित करने की प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
    • इसका उद्देश्य कोलंबो जैसे विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर भारत की निर्भरता को कम करना है।

और पढ़ें: मैरीटाइम विज़न 2030, अमृत काल विज़न 2047