संगीत कलानिधि पुरस्कार 2026 | 18 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
प्रसिद्ध वीणा वादक जयंती कुमारेश को प्रतिष्ठित 'संगीत कलानिधि' पुरस्कार के लिये चुना गया है, जो उन्हें 'द म्यूजिक एकेडमी, मद्रास' के 100वें वार्षिक सम्मेलन और संगीत समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- पुरस्कार की मान्यता: 'संगीत कलानिधि' को कर्नाटक संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
- शताब्दी वर्ष का कीर्तिमान: वर्ष 1928 में स्थापित (1927 के मद्रास कांग्रेस सत्र के बाद), 'द म्यूजिक एकेडमी' वर्ष 2026-27 में अपने अस्तित्व का 100वाँ वर्ष मना रही है।
- ‘संगीत कलानिधि’ उपाधि: इसे कर्नाटक संगीत का ‘नोबेल पुरस्कार’ माना जाता है और यह प्रतिवर्ष उस कलाकार को प्रदान किया जाता है, जिसने संगीत के क्षेत्र में आजीवन योगदान दिया हो।
- डॉ. जयंती कुमारेश: वह छठी पीढ़ी की संगीतकार हैं। वह प्रसिद्ध वायलिन वादक लालगुडी जयरामन की भांजी और पद्मावती अनंतगोपालन की शिष्या हैं।
- वीणा में योगदान: उन्हें सरस्वती वीणा को वैश्विक पहचान दिलाने का श्रेय दिया जाता है। उनकी वादन शैली, जो ‘गायकी’ (वोकल) गुणवत्ता के लिये जानी जाती है, पारंपरिक कर्नाटक संगीत और आधुनिक वैश्विक सहयोगों के बीच सेतु का कार्य करती है।
- नवाचार: वह ‘इंडियन नेशनल ऑर्केस्ट्रा’ की संस्थापक हैं और उन्होंने शास्त्रीय संगीत को आम जनता तक पहुँचाने के लिये ‘CUPPA’ (आम जनता की सराहना हेतु कर्नाटक संगीत की समझ) शृंखला की शुरुआत की है।
- पुरस्कार: वह संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) तथा 'थिएटर डी ला विले' (पेरिस) जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रस्तुति दी है।
- अन्य प्रमुख पुरस्कार (2026):
- संगीत कला आचार्य: वरिष्ठ संगीतकार जी.एस. मणि और आर. वेदावल्ली (गायक) को पारंपरिक ‘पाठंतर’ के संरक्षण तथा शिक्षण में योगदान के लिये प्रदान किया गया।
- TTK पुरस्कार: नेयवेली स्कंद सुब्रमणियन (मृदंगम) तथा एस. कासिम और एस. बाबू (नागस्वरम वादक) को प्रदान किया गया।
- संगीतशास्त्री पुरस्कार: प्राचीन संगीत ग्रंथों पर शोध के लिये डॉ. मीनाक्षी एस.एस. को दिया गया।
- नृत्य कलानिधि (नृत्य): 100वें नृत्य उत्सव के लिये यह उपाधि प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना मालविका सरुक्कई को प्रदान की जाएगी।
- महत्त्व: यह पुरस्कार कर्नाटक संगीत परंपराओं के संरक्षण और प्रसार के महत्त्व को रेखांकित करता है।
- वीणा परंपरा का पुनर्जीवन: एक वीणा वादक को यह सम्मान दिया जाना पारंपरिक वाद्य यंत्रों के प्रति घटती रुचि को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को दर्शाता है।