राजस्थान में राम जलसेतु लिंक परियोजना | 13 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
राजस्थान सरकार राम जलसेतु लिंक परियोजना के अंतर्गत, जिसे पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के साथ एकीकृत किया गया है, चंबल नदी पर एक प्रमुख जलसेतु का निर्माण कर रही है।
मुख्य बिंदु:
- परियोजना: यह जलसेतु/एक्वाडक्ट राम जल सेतु लिंक परियोजना (पार्वती–कालीसिंध–चंबल लिंक परियोजना) के अंतर्गत बनाया जा रहा है।
- यह एक एकीकृत नदी–जोड़ पहल है, जिसका उद्देश्य जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये चंबल बेसिन से पानी को बनास, पार्वती, बाणगंगा तथा राजस्थान के अन्य उप-बेसिनों तक स्थानांतरित करना है।
- उद्देश्य: यह जलसेतु कालीसिंध नदी पर स्थित नवनेरा बैराज से पानी को मेज नदी तक और आगे बीसलपुर एवं इसारदा जैसे जलाशयों तक पहुँचाने में सक्षम बनाएगा। इससे पूर्वी राजस्थान में पेयजल आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था को मज़बूती मिलेगी।
- डिज़ाइन और पैमाना:
- कुल लंबाई: लगभग 2.3 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: लगभग ₹2,330 करोड़
- निर्माण कार्य मई 2025 में प्रारंभ हुआ और जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
- यह संरचना आसपास के समुदायों को जोड़ने वाले सड़क संपर्क के रूप में भी कार्य करेगी।
- भौगोलिक विस्तार: यह जलसेतु कोटा ज़िले के पीपल्दा सामेल गाँव और बूंदी ज़िले के गुहाटा गाँव के बीच फैला है तथा चंबल नदी को उसकी पारिस्थितिकी को बिना प्रभावित किये पार करता है।
- महत्त्व: यह राम जल सेतु पहल का एक प्रमुख घटक है और जल-अभावग्रस्त क्षेत्र में दीर्घकालिक जल सुरक्षा तथा संसाधन अनुकूलन पर राज्य सरकार के फोकस को दर्शाता है।
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