राजस्थान की बामनवास कांकड़ पहली पूर्ण जैविक पंचायत बनी | 14 Jan 2026

चर्चा में क्यों?

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ ज़िले की बामनवास कांकड़ पंचायत राज्य ही नहीं बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूर्णतः जैविक-प्रमाणित पंचायत बन गई है।

मुख्य बिंदु:

  • प्रमाणीकरण: COFED (कोफार्मिन फेडरेशन ऑफ ऑर्गेनिक सोसाइटीज़ एंड प्रोड्यूसर कंपनीज़) द्वारा प्रमाणन सुगम बनाया गया।
    • COFED ने जैविक मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिये तकनीकी और बाज़ार सहायता प्रदान की।
    • पंचायत को नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन (NPOP) मानकों के तहत पूर्णतः जैविक पंचायत के रूप में प्रमाणित किया गया।
  • समुदाय-आधारित पहल: रासायनिक-मुक्त कृषि का परिवर्तन स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिला किसानों द्वारा संचालित था, जो मृदा के क्षरण, भूजल समस्याओं और रसायनों से स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण प्रेरित हुआ।
  • रसायन-मुक्त कृषि की प्रतिज्ञा: किसानों ने सिंथेटिक उर्वरकों और रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग न करने की शपथ ली।
  • सतत विकास का मॉडल: यह पंचायत जैविक कृषि, पशुपालन और पर्यावरण संरक्षण को जोड़कर सतत ग्रामीण विकास का एक ऐसा मॉडल निर्मित करती है जिसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।

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