PMMSY ने हरियाणा में मत्स्य विकास को बढ़ावा दिया | 23 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के कार्यान्वयन ने हरियाणा में मत्स्य क्षेत्र के विकास को उल्लेखनीय रूप से बढ़ावा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप निवेश में वृद्धि हुई है और जलीय कृषि अवसंरचना का विस्तार हुआ है।
मुख्य बिंदु:
- योजना: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र का सतत विकास करना, मछली उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना तथा मछुआरों की आय में वृद्धि करना है।
- मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
- हरियाणा में मत्स्य परियोजनाओं को कुल ₹760.87 करोड़ की लागत से स्वीकृति दी गई है, जिसमें केंद्र का अंश ₹262.16 करोड़ है।
- अवसंरचना विकास: प्रमुख पहलों में ग्रो-आउट/पालन तालाबों का विकास, फिश कियोस्क की स्थापना, पुनः परिसंचारी जलीय कृषि प्रणाली (RAS), बायोफ्लॉक इकाइयाँ, हैचरी, फीड मिल, कोल्ड स्टोरेज इकाइयाँ और एक एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना शामिल हैं।
- इस योजना ने विशेष रूप से महिलाओं और अनुसूचित जाति समुदायों के लिये नए रोज़गार के अवसर सृजित किये हैं।
- तकनीकी हस्तक्षेप: RAS और बायोफ्लॉक जैसी आधुनिक जलीय कृषि तकनीकों को अपनाने से मछली पालन में दक्षता, उत्पादकता एवं स्थिरता में सुधार हुआ है।
- RAS एक बंद-चक्र (क्लोज़्ड-लूप) मछली पालन प्रणाली है, जिसमें पानी को फिल्टर करके पुनः उपयोग किया जाता है और निरंतर शुद्धिकरण के माध्यम से जल की गुणवत्ता बनाए रखी जाती है। यह कम भूमि और जल संसाधनों में ही अधिक घनत्व पर मछली पालन संभव बनाती है और साथ ही रोग के खतरे तथा पर्यावरणीय प्रभाव को घटाती है।
- बायोफ्लॉक तकनीक: बायोफ्लॉक प्रणाली में लाभकारी सूक्ष्मजीवों का उपयोग कर जैविक अपशिष्ट को आहार में परिवर्तित किया जाता है, जिससे जल की गुणवत्ता और मछलियों का स्वास्थ्य बेहतर होता है। यह पर्यावरण-अनुकूल और किफायती विधि उच्च घनत्व वाले पालन के लिये उपयुक्त है तथा सतत प्रथाओं को बढ़ावा देती है।
- ब्लू रिवोल्यूशन: इस पहल ने हरियाणा में ‘ब्लू रिवोल्यूशन’ को बढ़ावा दिया है, जिससे जलीय कृषि गतिविधियों का विस्तार हुआ है और मत्स्य क्षेत्र सशक्त हुआ है।
- महत्त्व: यह कार्यक्रम कृषि के विविधीकरण, ग्रामीण आजीविका सृजन और मत्स्य जैसे क्षेत्रों को मज़बूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नोट: प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY), प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की एक केंद्रीय क्षेत्र की उप-योजना है, जिसका कुल प्रावधान ₹6000 करोड़ है, जिसमें विश्व बैंक और एजेंस फ्राँसेज़ दे डेवलपमेंट (Agence Française de Développement - AFD) का सहयोग भी शामिल है। PM-MKSSY को वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक चार वर्षों की अवधि के लिये सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है।
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