वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 2026 में MSME के लिये PFRDA NPS आउटरीच | 14 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
हाल ही में, पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राजकोट, गुजरात में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान MSME क्षेत्र के लिये एक विशेष NPS आउटरीच सत्र आयोजित किया।
मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य: MSME मालिकों और उनके कर्मचारियों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) अपनाने के लिये प्रोत्साहित करके सामाजिक सुरक्षा जाल का विस्तार करना।
- कॉर्पोरेट मॉडल पर ध्यान: PFRDA ने ‘NPS कॉर्पोरेट सेक्टर मॉडल’ को उजागर किया, जो MSME को कर्मचारियों को न्यूनतम प्रशासनिक बोझ के साथ संरचित सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करने की अनुमति देता है।
- वित्तीय साक्षरता: यह सत्र गुजरात के औद्योगिक केंद्रों में असंगठित और अर्द्ध-संगठित श्रमिक वर्ग के लिये पेंशन कवरेज के अंतर को कम करने का लक्ष्य रखता है।
- सम्मानजनक वृद्धावस्था: MSME भारत की अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है और व्यवसाय मालिकों तथा कर्मचारियों के बीच सेवानिवृत्ति बचत की संस्कृति को बढ़ावा देना भविष्य की वित्तीय असुरक्षा को कम करने और सम्मानजनक वृद्धावस्था को सुनिश्चित करने में सहायता कर सकता है।
- MSME का योगदान: MSME क्षेत्र भारत के GDP में लगभग 30% का योगदान देता है और ‘पेंशन वाले भारत’ लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये यह एक महत्त्वपूर्ण लक्ष्य है।
- PFRDA: यह एक सांविधिक नियामक निकाय है, जिसे वर्ष 2013 के PFRDA अधिनियम के तहत स्थापित किया गया, ताकि भारत में पेंशन क्षेत्र को बढ़ाया और नियंत्रित किया जा सके।
- NPS संरचना: यह एक स्वैच्छिक, परिभाषित योगदान वाली सेवानिवृत्ति बचत योजना है। इसे PRAN ((परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) के आधार पर नियंत्रित किया जाता है।