पलामू टाइगर रिज़र्व ने ‘वनजीवी दीदी’ पहल शुरू की | 25 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
पलामू टाइगर रिज़र्व ने रिज़र्व के भीतर और उसके आसपास स्थित 17 चिन्हित गाँवों में ‘वनजीवी दीदी’ नामक एक नई समुदाय-आधारित पहल शुरू की है, जिसके तहत स्थानीय महिलाओं को पर्यावरण शिक्षिका और संरक्षण सहायक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- ‘वनजीवी दीदी’ पहल: ‘वनजीवी’ का अर्थ है वनवासी अथवा वन का जीवन, जबकि ‘दीदी’ महिलाओं को समुदाय की नेतृत्वकर्त्ता के रूप में दर्शाता है।
- लक्षित समूह: इस कार्यक्रम के अंतर्गत 17 गाँवों (जिनमें हेनार, सुरकुमी और कोटम शामिल हैं) से प्रत्येक गाँव की 18 शिक्षित महिलाओं का चयन किया गया है। अधिकांश प्रतिभागी या तो कॉलेज स्नातक हैं या उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
- मुख्य उद्देश्य: ये ‘वनजीवी दीदियाँ’ वन विभाग एवं स्थानीय समुदाय के बीच सेतु के रूप में कार्य करेंगी, ताकि शिकार और अवैध लकड़ी कटाई जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जा सके।
- इस कार्यक्रम के तहत, वन क्षेत्र से सटे गाँवों की चयनित महिलाओं को निम्नलिखित कार्यों के लिये प्रशिक्षित किया जाता है:
- वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना
- मानव–वन्यजीव संघर्ष के शमन के बारे में समुदाय को शिक्षित करना
- वन विभाग और स्थानीय निवासियों के बीच सेतु की भूमिका निभाना
- सतत आजीविका और ज़िम्मेदार वन उपयोग को बढ़ावा देना
- प्रोत्साहन: प्रत्येक प्रतिभागी को ₹3,000 का मासिक मानदेय दिया जाता है। यह पहल वर्तमान में 17 फरवरी, 2026 से प्रारंभ हुआ दो माह का पायलट प्रोजेक्ट है, जिसके बाद प्रदर्शन-आधारित समीक्षा के आधार पर इसके विस्तार की योजना है।
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