लिम्फैटिक फाइलेरिया के उन्मूलन हेतु राष्ट्रव्यापी अभियान | 14 Feb 2026

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने भारत के 12 स्थानिक राज्यों में लिम्फैटिक फाइलेरिया (LF) के उन्मूलन हेतु वार्षिक राष्ट्रव्यापी सामूहिक औषधि वितरण (MDA) अभियान की शुरुआत की।

मुख्य बिंदु:

  • सामूहिक औषधि वितरण (MDA) अभियान: लिम्फैटिक फाइलेरियासिस (LF) के संचरण को रोकने और इसे एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के उद्देश्य से।
  • रणनीति: गर्भवती महिलाओं, निर्धारित आयु से कम बच्चों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़ते हुए, शेष सभी पात्र लोगों को प्रतिवर्ष एंटी-फाइलेरियल दवाएँ दी जाती हैं।
  • प्रयुक्त दवाएँ: सामान्यतः डायइथाइलकार्बामाज़ीन (DEC), एल्बेंडाज़ोल तथा चयनित ज़िलों में आइवरमेक्टिन (त्रि-दवा उपचार – IDA) का उपयोग किया जाता है।
  • लक्षित राज्य: यह अभियान 12 स्थानिक राज्यों आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में लागू किया जा रहा है।
  • लिम्फैटिक फाइलेरियासिस (LF): यह एक उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग (NTD) है, जो परजीवी कृमियों (Wuchereria bancrofti, Brugia malayi) के कारण होता है।
    • इसका संचरण संक्रमित मच्छरों के काटने से होता है।
    • दीर्घकालिक संक्रमण से हाथीपाँव (Elephantiasis), हाइड्रोसील और दीर्घकालिक दिव्यांगता जैसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
    • LF के वैश्विक बोझ का एक बड़ा हिस्सा भारत में पाया जाता है।
  • समय से पहले लक्ष्य: भारत का वर्ष 2027 का लक्ष्य सतत विकास लक्ष्य (SDG 3) को निर्धारित समय से पहले प्राप्त करने के प्रति देश के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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