मध्य प्रदेश सरकार और डिजिटल इंडिया भाषिणी के बीच समझौता ज्ञापन | 17 Jan 2026

चर्चा में क्यों?

मध्य प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित भाषा प्रौद्योगिकियों के माध्यम से बहुभाषी डिजिटल शासन और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को बढ़ावा देना है।

मुख्य बिंदु:

  • भाषायी समावेशन: इस साझेदारी का उद्देश्य भाषिणी AI प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न भारतीय भाषाओं में सरकारी सेवाएँ और जानकारी उपलब्ध कराकर भाषा अवरोधों को दूर करना है।
  • वॉयस-बेस्ड एक्सेस: इसका प्रमुख लक्ष्य वॉयस-फर्स्ट टूल विकसित करना है, जिससे नागरिक अपनी मातृभाषा में सरकारी पोर्टलों के साथ संवाद कर सकें।
  • AI एकीकरण: मध्य प्रदेश स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व आदि विभागों में भाषिणी का रियल-टाइम अनुवाद और स्पीच-टू-टेक्स्ट क्षमताओं का उपयोग करेगा।
  • डेटा एवं AI लैब्स: इस MoU के साथ ही राज्य ने 30 डेटा और AI लैब स्थापित करने की घोषणा की है, जो युवाओं तथा सरकारी अधिकारियों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करेंगी।
  • महत्त्व: यह सहयोग मध्य प्रदेश को शासन में भाषिणी अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में स्थापित करता है और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) निर्माण के राष्ट्रीय प्रयासों को भी सुदृढ़ करता है।

भाषिणी (BHASHINI)

  • भाषिणी (भारत शेयर्ड रिपॉजिटरी ऑफ इंस्क्रिप्शन्स इन इंडियन लैंग्वेजेज) डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत लॉन्च किया गया एक राष्ट्रीय भाषा टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है। 
  • इसका उद्देश्य अनुवाद, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-स्पीच और बहुभाषी AI सेवाओं को भारतीय भाषाओं में सक्षम बनाना है, ताकि डिजिटल सेवाएँ नागरिकों को उनकी मातृभाषा में सुलभ हो सकें।

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