मध्य प्रदेश 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाएगा | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने घोषणा की कि राज्य वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाएगा, जिसकी थीम होगी — ‘समृद्ध किसान – समृद्ध राज्य’।
मुख्य बिंदु:
- कृषि बजट में उल्लेखनीय वृद्धि: कृषि एवं सहायक क्षेत्रों के लिये आवंटन वर्ष 2002-03 में ₹600 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2024-25 में ₹27,000 करोड़ से अधिक हो गया है, जो नीतिगत समर्थन में तीव्रता को दर्शाता है।
- फोकस क्षेत्र: फसल उत्पादकता, सिंचाई विस्तार, प्राकृतिक कृषि, प्रौद्योगिकी अपनाने तथा बागवानी, पशुपालन, दुग्ध और मत्स्य जैसे सहायक क्षेत्रों के विविधीकरण पर ज़ोर दिया जाएगा ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
- विकास मॉडल: 10-सूत्रीय रणनीति में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, आय वृद्धि, प्राकृतिक कृषि, बाज़ार सुधार और निर्यात, नवाचार तथा कृषि में डिजिटल पारदर्शिता शामिल है।
- ई-मंडी: डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मूल्य खोज और पारदर्शिता बढ़ाने के लिये ई-मंडी बाज़ार व्यवस्था लागू की गई है।
- दुग्ध और पशुपालन पर फोकस: बी.आर. अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत।
- मध्य प्रदेश का लक्ष्य राष्ट्रीय दूध उत्पादन में अपनी हिस्सेदारी 9% से बढ़ाकर 20% करना है।
- जागरूकता: सरकारी योजनाओं, आधुनिक पद्धतियों और प्राकृतिक कृषि के बारे में किसानों को शिक्षित करने के लिये मोबाइल कृषि इकाइयाँ (‘कृषि रथ’) गाँव-गाँव भेजी जा रही हैं।
- कार्यान्वयन रणनीति: पूरे वर्ष चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कृषि मेलों, जनसंपर्क शिविरों और किसान-केंद्रित आयोजनों का कैलेंडर आयोजित किया जाएगा।
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