कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य इको-सेंसिटिव ज़ोन घोषित | 23 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
केंद्र सरकार ने राजस्थान स्थित कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के आसपास के क्षेत्र को इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) के रूप में अधिसूचित किया है।
मुख्य बिंदु:
- अधिसूचना जारी करने वाला प्राधिकरण: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC)
- स्थिति: कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान की अरावली पर्वतमाला में स्थित है।
- आवृत ज़िले: उदयपुर, पाली, राजसमंद
- इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) का विस्तार: अधिसूचित ESZ अभयारण्य की सीमा से 0 से 1 किमी तक फैला है।
- यह लगभग 243 वर्ग किमी क्षेत्र को शामिल करता है और इसमें लगभग 94 गाँव शामिल हैं।
- ESZ का उद्देश्य: संरक्षित वन क्षेत्र और आसपास की मानव बस्तियों के बीच बफर ज़ोन के रूप में कार्य करना, ताकि जैव-विविधता संरक्षण, आवास सुरक्षा तथा पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।
- प्रतिबंधित गतिविधियाँ: ESZ के भीतर वाणिज्यिक खनन, प्रदूषणकारी उद्योग, ईंट-भट्टे तथा नए बड़े पैमाने के निर्माण कार्य (रिसॉर्ट/होटल) निषिद्ध या कड़े रूप से विनियमित हैं।
- कृषि, बागवानी, वर्षा-जल संचयन तथा पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को सख्त पर्यावरणीय मानकों के अंतर्गत अनुमति दी जा सकती है।
- पारिस्थितिक महत्त्व: जंगली बिल्ली, भारतीय पैंगोलिन, नीलगाय और चिंकारा जैसे वन्यजीवों का आवास है, जिससे इसका पारिस्थितिक महत्त्व अत्यधिक बढ़ जाता है।
- प्रशासनिक प्राधिकरण: यह अधिसूचना पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा जारी की गई है।
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और पढ़ें: इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ), अरावली पर्वत, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 |