न्यायमूर्ति बलबीर सिंह चौहान को मणिपुर हिंसा की जाँच का अध्यक्ष नियुक्त किया | 03 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बलबीर सिंह चौहान को मई 2023 में मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के जाँच आयोग (Commission of Inquiry) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
मुख्य बिंदु:
- नियुक्ति: केंद्र सरकार ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा की जाँच के लिये गठित जाँच आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति बलबीर सिंह चौहान का नाम घोषित किया है।
- यह नियुक्ति पूर्व में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अजय लांबा के इस्तीफे के पश्चात की गई है।
- अधिदेश: गृह मंत्रालय द्वारा गठित इस जाँच आयोग का उद्देश्य मई 2023 में मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा की जाँच करना, उसके कारणों का विश्लेषण करना, प्रशासनिक तंत्र की भूमिका की समीक्षा करना, संघर्ष के विस्तार को संभव बनाने वाले कारकों की पहचान करना तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय सुझाना है।
- केंद्रित क्षेत्र: आयोग मानवाधिकार उल्लंघन, विस्थापन, संपत्ति की क्षति तथा सांप्रदायिक तनाव से संबंधित आरोपों की भी जाँच करेगा।
- पृष्ठभूमि: मणिपुर में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय और जनजातीय कुकी समुदायों के बीच हुए जातीय संघर्ष में अनेक लोगों की मृत्यु हुई तथा व्यापक विस्थापन हुआ। इन परिस्थितियों में जवाबदेही सुनिश्चित करने और शांति बहाल करने के उद्देश्य से जॉंच पैनल का गठन किया गया।
- महत्त्व: जाँच आयोग के पुनर्गठन से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार हाल के वर्षों की सबसे गंभीर जातीय हिंसा की घटनाओं में से एक की जाँच को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने के लिये गंभीरता से प्रयासरत है।
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