जैसलमेर में होगा जैन चादर महोत्सव | 23 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
जैसलमेर में भारत के पहले जैन चादर महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दादा श्री जिनदत्त सूरी महाराज से जुड़ी 872 वर्ष पुरानी पवित्र चादरों को श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- पहली बार आयोजित होने वाला आयोजन: चादर महोत्सव का आयोजन देश में पहली बार किया जा रहा है, जिससे यह जैन समुदाय के लिये एक ऐतिहासिक और महत्त्वपूर्ण धार्मिक आयोजन बन गया है।
- प्राचीन पवित्र वस्त्र: इस महोत्सव में 872 वर्ष पुराने पवित्र वस्त्र प्रदर्शित किये जाएंगे, जिनमें चादर तथा अन्य अनुष्ठानिक वस्त्र शामिल हैं, जिन्हें दादा श्री जिनदत्त सूरी महाराज से संबंधित माना जाता है और पवित्र अवशेष के रूप में संरक्षित किया गया है।
- जैन परंपरा के अनुसार, आचार्य के अंतिम संस्कार के बाद भी ये वस्त्र अक्षुण्ण बने रहे।
- बाद में इन्हें गुजरात के पाटन से एक महामारी के दौरान जैसलमेर लाया गया, जहाँ तब से इन्हें सावधानीपूर्वक संरक्षित किया गया है।
- धार्मिक अनुष्ठान: तीन दिवसीय इस आयोजन में विशेष प्रार्थनाएँ, आध्यात्मिक प्रवचन, धार्मिक विधियाँ तथा एक भव्य वर्गोड़ा (धार्मिक शोभायात्रा) आयोजित की जाएगी, जिसमें पूरे देश से जैन साधु और श्रद्धालु भाग लेंगे।
- इस महोत्सव से जैसलमेर में धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है, जिससे राजस्थान की विरासत, आस्था तथा मरुस्थलीय पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी।
- महत्त्व: जैन चादर महोत्सव, जैन विरासत के संरक्षण को रेखांकित करता है तथा भारत की सांस्कृतिक विविधता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ राजस्थान में धार्मिक पर्यटन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देता है।
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