भारतीय स्टार्टअप ने ISRO को Akasha300 3D प्रिंटर सौंपा | 28 Mar 2026

चर्चा में क्यों?

केरल स्थित स्टार्टअप स्पेसटाइम 4D प्रिंटिंग सॉल्यूशन ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वालियामला स्थित लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC) को सफलतापूर्वक Akasha300 3D प्रिंटर की आपूर्ति की है।

मुख्य बिंदु:

  • ड्यूल-एक्सट्रूज़न तकनीक: यह प्रिंटर एक साथ कई सामग्रियों के साथ प्रिंटिंग का समर्थन करता है, जिससे अंतरिक्ष घटकों के लिये अधिक डिज़ाइन अनुकूलन मिलता है।
  • उच्च तापमान क्षमता: यह प्रिंटर उच्च एक्सट्रूज़न तापमान—प्रारंभ में 350°C तक—पर कार्य कर सकता है, जिसे भविष्य में 500°C तक बढ़ाने की योजना है, जिससे उच्च-प्रदर्शन सामग्रियों की प्रिंटिंग का दायरा विस्तृत होगा।
  • सहयोग: इसका विकास स्पेस टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर (STIIC) और केरल स्टार्टअप मिशन के सहयोग से किया गया है, जो भारत में स्टार्टअप-आधारित अंतरिक्ष नवाचार की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
  • महत्त्व: ISRO में इसकी तैनाती से प्रोपल्शन सिस्टम अनुसंधान, पदार्थ विज्ञान और अगली पीढ़ी की अंतरिक्ष निर्माण तकनीकों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताएँ मज़बूत होंगी।
  • ISRO: 
    • ISRO, अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है।
    • मुख्यालय: बंगलूरू, कर्नाटक।
    • वर्तमान अध्यक्ष: वी. नारायणन।
    • इसकी स्थापना 15 अगस्त, 1969 को विक्रम साराभाई के नेतृत्व में हुई थी, जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का ‘जनक’ माना जाता है।

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