भारतीय तटरक्षक बल ने गोवा में वाटरजेट प्रोडक्शन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया | 17 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय तटरक्षक बल ने गोवा में एक अत्याधुनिक वाटरजेट प्रोडक्शन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया, जो समुद्री स्वावलंबन और बढ़ी हुई परिचालन क्षमता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- उद्घाटन: भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने फरवरी 2026 में इस सुविधा का उद्घाटन किया, जिससे भारत के स्वदेशी रक्षा निर्माण तंत्र को सुदृढ़ किया गया।
- साझेदार: यह सुविधा मेसर्स मरीन जेट पावर (MJP) इंडिया के साथ साझेदारी में स्थापित की गई है।
- यह यूनिट मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) ढाँचे के तहत विकसित की गई, ताकि देश में ही वाटरजेट सिस्टम का उत्पादन तथा परीक्षण किया जा सके।
- भारत तीसरा देश बन गया: इस विकास के साथ, भारत संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरा देश बन गया है, जहाँ एक उन्नत वाटरजेट प्रोडक्शन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी मौजूद है।
- यह सुविधा ICG जहाजों में प्रयुक्त वाटरजेट प्रणोदन प्रणालियों के संचालन, रखरखाव और टेस्टिंग को मज़बूत करेगी तथा विदेशी परीक्षण अवसंरचना पर निर्भरता को कम करेगी।
- समर्थन: यह यूनिट स्थानीय निर्माण भागीदारों को रक्षा उत्पादन में शामिल करते हुए घरेलू आपूर्ति शृंखला का समर्थन करेगी, रोज़गार सृजित करेगी और MSME तंत्र को मज़बूत बनाएगी।
- साथ ही यह दक्षिण एशिया और आसपास के क्षेत्रों के लिये वाटरजेट सिस्टम के परीक्षण और रखरखाव का क्षेत्रीय केंद्र भी बनेगी, जिससे भारत को प्रमुख समुद्री इंजीनियरिंग केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
- तटरक्षक बेड़े की क्षमता में वृद्धि: वर्तमान में भारतीय तटरक्षक बल अपने जहाजों पर 100 से अधिक MJP वाटरजेट प्रणोदन प्रणालियाँ संचालित करता है।
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