तमिलनाडु में भारत का पहला मेगा शिपबिल्डिंग क्लस्टर | 03 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
भारत को वैश्विक समुद्री केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तहत तमिलनाडु में नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज़ पार्क (NSHIP, TN) की स्थापना की गई है, जो विशाल जहाज़ निर्माण क्लस्टर के विकास के लिये समर्पित देश का पहला विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) है।
मुख्य बिंदु:
- संयुक्त उद्यम: यह SPV वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण (VOCPA) जो केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख बंदरगाह है और तमिलनाडु राज्य उद्योग प्रोत्साहन निगम (SIPCOT) के बीच 50:50 की साझेदारी है।
- रणनीतिक स्थान: यह क्लस्टर तूतीकोरिन (थूथुकुडी) में विकसित किया जाएगा, जो अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के निकट अपनी रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाएगा।
- परियोजना विनिर्देश: यह ग्रीनफील्ड क्लस्टर लगभग 2,000 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें 2 किलोमीटर लंबा जलतट (वॉटरफ्रंट) शामिल होगा।
- 1,000 एकड़ क्षेत्र विशेष रूप से शिपयार्ड के लिये आरक्षित होगा।
- शेष 1,000 एकड़ में सहायक उद्योग, समुद्री उपकरण निर्माण तथा सामान्य सामाजिक अवसंरचना विकसित की जाएगी।
- क्षमता लक्ष्य: इस क्लस्टर को ऐसे शिपयार्ड स्थापित करने के लिये डिज़ाइन किया गया है, जिनकी कुल क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज (GT) होगी।
- आर्थिक गुणक प्रभाव: इस परियोजना से 55,000 से अधिक लोगों के लिये रोज़गार सृजन और बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश आकर्षित होने की संभावना है।
- वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मकता: यह ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक केंद्र विकसित करके भारत की वैश्विक जहाज़ निर्माण में हिस्सेदारी बढ़ाने में सहायता करेगा।