नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर हवाई अड्डा) – चरण-I का उद्घाटन | 30 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
नरेंद्र मोदी ने नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण (Phase-I) का उद्घाटन किया, जो उत्तर प्रदेश में विमानन बुनियादी ढाँचे के विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- जेवर हवाई अड्डा: गौतम बुद्ध नगर ज़िले के जेवर में स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, एक प्रमुख 'ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट' परियोजना है, जिसका उद्देश्य भारत के विमानन नेटवर्क को मज़बूत करना और उत्तर भारत में कनेक्टिविटी को बढ़ाना है।
- हवाई अड्डे के प्रथम चरण का विकास लगभग ₹11,200 करोड़ के निवेश से किया गया है।
- इसका विकास और संचालन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) द्वारा किया जा रहा है, जो 'ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी' (Zurich Airport International AG) की 100% सहायक कंपनी है। इसमें उत्तर प्रदेश और भारत सरकार की भी साझेदारी है।
- बुनियादी ढाँचे का विकास: यह परियोजना आधुनिक बुनियादी ढाँचे के विकास और ‘विकसित भारत’ के व्यापक दृष्टिकोण का एक हिस्सा है।
- दादरी में दो प्रमुख 'फ्रेट कॉरिडोर' (माल ढुलाई गलियारे) के मिलन के कारण, हवाई अड्डे के आसपास का क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है, जिससे 'मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी' के माध्यम से वैश्विक बाज़ारों तक माल तेज़ी से पहुँच सकेगा।
- विमान रखरखाव सेवाओं के लिये विदेशों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सरकार ने जेवर में एक रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (MRO) सुविधा की भी योजना बनाई है।
- उत्तर प्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे: उत्तर प्रदेश अब सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले भारतीय राज्यों में से एक बन गया है:
- चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा — लखनऊ ज़िला
- लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा — बाबतपुर, वाराणसी ज़िला
- कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा — कुशीनगर ज़िला
- महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम — अयोध्या ज़िला
- नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा — जेवर, गौतम बुद्ध नगर ज़िला
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