हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 | 19 Feb 2026

चर्चा में क्यों?

वीज़ा-फ्री यात्रा की सुविधा के आधार पर पासपोर्टों की वैश्विक रूप से मान्य रैंकिंग, हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत के पासपोर्ट की रैंक में सुधार हुआ है। रैंक में यह वृद्धि भारतीय नागरिकों के लिये बेहतर वैश्विक आवागमन और मज़बूत कूटनीतिक संबंधों को दर्शाती है।

मुख्य बिंदु:

  • वैश्विक रैंकिंग: वर्ष 2026 के हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुँच गया है, जो वर्ष 2025 में 85वें स्थान से 10 पायदान की बढ़त है।
    • भारतीय पासपोर्ट धारक अब 56 देशों में बिना पूर्व वीज़ा के प्रवेश कर सकते हैं। इसमें वीज़ा-फ्री प्रवेश, वीज़ा-ऑन-अराइवल तथा इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइज़ेशन (ETA) की सुविधा देने वाले देश शामिल हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और अधिक सुगम हुई है।
  • कार्यप्रणाली: हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा प्रकाशित सूचकांक, इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा का उपयोग करते हुए, बिना पूर्व वीज़ा स्वीकृति के प्रवेश की सुविधा के आधार पर 227 गंतव्यों में 199 पासपोर्ट को रैंक करता है।
    • शीर्ष रैंक वाले पासपोर्ट: सिंगापुर 192 वीज़ा-फ्री गंतव्यों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, इसके बाद जापान और दक्षिण कोरिया का स्थान है।
    • निचले पायदान वाले पासपोर्ट: अफगानिस्तान, इराक और सीरिया जैसे देश सूचकांक में सबसे निचले स्थान पर बने हुए हैं, जो भू-राजनीतिक तथा सुरक्षा चुनौतियों के कारण सीमित अंतर्राष्ट्रीय आवागमन को दर्शाता है।
  • क्षेत्रीय तुलना: भारत दक्षिण एशिया के कई पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल से ऊपर रैंक पर है, जबकि मालदीव इस क्षेत्र में भारत से कहीं बेहतर स्थान पर है।
  • महत्त्व: रैंकिंग में सुधार मज़बूत कूटनीतिक संबंधों, व्यापार और पर्यटन के बेहतर अवसरों तथा भारतीय नागरिकों की यात्रा स्वतंत्रता की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी हुई मान्यता को दर्शाता है।

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