हरियाणा मेले और एडवेंचर राइड्स के रेगुलेशन के लिये भारत की पहली पॉलिसी बनाएगा | 11 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
हरियाणा सरकार ने देश की पहली व्यापक नीति बनाने की योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य झूलों और साहसिक आकर्षणों को विनियमित करना, ऐसे हादसों को रोकना तथा सार्वजनिक सुरक्षा को मज़बूत करना है।\
मुख्य बिंदु:
- पृष्ठभूमि: हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में एक तीव्र गति वाली पेंडुलम राइड (‘सुनामी’ स्विंग) गिर गई, जिसमें एक पुलिस निरीक्षक की मौत हो गई और कम से कम बारह लोग घायल हो गए, जिससे तत्काल सुरक्षा चिंताएँ उत्पन्न हुईं।
- नीतिगत पहल: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सार्वजनिक आयोजनों में झूलों और साहसिक आकर्षणों के लिये सुरक्षा मानकों को विनियमित करने तथा सुनिश्चित करने हेतु देश की पहली ऐसी नीति तैयार करने की घोषणा की है।
- उद्देश्य: प्रस्तावित नीति का लक्ष्य स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल स्थापित करना, निरीक्षण व्यवस्था में सुधार करना और ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिये उपयुक्त मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) को लागू करना है।
- इस नीति के तहत दैनिक निरीक्षण, राइड संचालकों के लिये प्रशिक्षण और योग्यता मानक, प्रमाणित सुरक्षा उपकरणों का उपयोग तथा प्रतिभागियों के लिये उपयुक्त बीमा कवरेज सुनिश्चित किये जाने की संभावना है।
- नियामक अंतराल: वर्तमान में झूलों की सुरक्षा के लिये कोई समान राष्ट्रीय प्रोटोकॉल मौजूद नहीं है।
- मानकीकृत प्रक्रियाओं के बजाय विक्रेताओं के शपथपत्रों और प्रतिष्ठा पर निर्भर रहती हैं। नई नीति इस नियामक शून्य को भरने का प्रयास करती है।
- महत्त्व: यह पहल सामूहिक आयोजनों और सांस्कृतिक मेलों में सार्वजनिक सुरक्षा के महत्त्व को रेखांकित करती है तथा मनोरंजन व साहसिक राइडों की सुरक्षा के लिये राष्ट्रीय मानकों का एक मॉडल बन सकती है।
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