गुजरात ने हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिये स्टारलिंक के साथ LoI एक्सचेंज किया | 12 Feb 2026

चर्चा में क्यों?

गुजरात सरकार ने पूरे राज्य में उच्च-गति सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार के लिये एलन मस्क की स्पेसएक्स की सहायक कंपनी स्टारलिंक के साथ एक आशय पत्र (Letter of Intent – LoI) पर हस्ताक्षर किये हैं।

मुख्य बिंदु:

  • हस्ताक्षरकर्त्ता: यह दस्तावेज़ गांधीनगर में राज्य उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप और स्टारलिंक इंडिया के प्रमुख प्रभाकर जयकुमार के बीच आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी उपस्थित थे।
  • लक्षित क्षेत्र: यह पहल विशेष रूप से दूरस्थ, सीमावर्ती, जनजातीय और वंचित क्षेत्रों पर केंद्रित है, जहाँ पारंपरिक दूरसंचार अवसंरचना या तो अपर्याप्त है अथवा स्थापित करना चुनौतीपूर्ण है।
  • प्राथमिकता वाले ज़िले: नर्मदा और दाहोद जैसे ‘आकांक्षी ज़िलों’ पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
  • पायलट परियोजना का दायरा: प्रारंभिक चरण में निम्नलिखित प्रमुख सार्वजनिक अवसंरचनाओं को जोड़ने का लक्ष्य है—
    • शिक्षा: स्मार्ट कक्षाओं हेतु राज्य विद्यालय।
    • स्वास्थ्य: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHCs) और टेलीमेडिसिन सेवाएँ।
    • सुरक्षा: तटीय पुलिस चौकियाँ और राजमार्ग सुरक्षा प्रणाली।
    • लोक सेवाएँ: कॉमन सर्विस सेंटर (CSCs) और ई-गवर्नेंस केंद्र।
    • लॉजिस्टिक्स एवं पर्यावरण: बंदरगाह, GIDC औद्योगिक पार्क और वन्यजीव अभयारण्य।
  • संयुक्त कार्यदल: पायलट आकलन की निगरानी एवं क्रियान्वयन के समन्वय हेतु गुजरात सरकार और स्टारलिंक के प्रतिनिधियों का एक संयुक्त कार्यदल गठित किया जाएगा।
  • नियामकीय स्थिति: यद्यपि स्टारलिंक को आशय पत्र (LoI) जारी किया गया है, किंतु अंतिम वाणिज्यिक शुरुआत भारत की केंद्रीय प्राधिकरणों (दूरसंचार विभाग/IN-SPACe) से लाइसेंस और सुरक्षा संबंधी स्वीकृतियों के अधीन होगी।
  • महत्त्व: यह रणनीतिक पहल गुजरात के डिजिटल कनेक्टिविटी मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में डिजिटल अंतर को पाटना है जहाँ भौगोलिक या लागत संबंधी कारणों से स्थलीय दूरसंचार नेटवर्क कमज़ोर या अव्यवहार्य हैं।