ग्लोबल टेररिज़्म इंडेक्स (GTI) 2026 | 25 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
ग्लोबल टेररिज़्म इंडेक्स 2026 को इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा जारी किया गया है, जो विभिन्न देशों में आतंकवाद के प्रभाव और प्रवृत्तियों का वैश्विक आकलन प्रस्तुत करता है।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: ग्लोबल टेररिज़्म इंडेक्स एक वार्षिक रिपोर्ट है, जो 163 देशों में आतंकवाद के प्रभाव को मापती है तथा रुझानों, पैटर्न और आतंकवादी गतिविधियों के वैश्विक वितरण का विश्लेषण करती है।
- IEP का मुख्यालय सिडनी में स्थित है।
- GTI, ड्रैगनफ्लाई के टेररिज़्म ट्रैकर डेटाबेस पर आधारित है, जिसमें जनवरी 2007 से पूरे विश्व में खुले स्रोतों से रिपोर्ट किये गए आतंकवादी घटनाओं का विस्तृत और संरचित रिकॉर्ड रखा जाता है।
- कारक:
- किसी वर्ष में आतंकवादी घटनाओं की कुल संख्या
- किसी वर्ष में आतंकवादी गतिविधियों से हुई कुल मृत्यु
- किसी वर्ष में आतंकवादियों द्वारा किये गए कुल घायल
- किसी वर्ष में आतंकवादियों द्वारा बनाए गए कुल बंधक
- कार्यप्रणाली: प्रत्येक कारक को शून्य से तीन तक का भार (वेट) दिया जाता है और पाँच वर्ष का भारित औसत उपयोग किया जाता है, ताकि समय के साथ आतंकवादी घटनाओं के दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक प्रभाव को दर्शाया जा सके।
- सबसे अधिक प्रभावित देश: ग्लोबल टेररिज़्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान प्रथम स्थान पर रहा, जो सभी देशों में आतंकवाद के सबसे अधिक प्रभाव को दर्शाता है।
- भारत आतंकवाद के प्रभाव के मामले में वैश्विक स्तर पर 13वें स्थान (स्कोर 6.428) पर है।
- क्षेत्रीय पैटर्न: वर्ष 2025 में आतंकवाद से संबंधित कुल मौतों में से आधे से अधिक साहेल क्षेत्र में हुईं, जबकि वर्ष 2007 में यह 1% से भी कम थीं।
- उप-सहारा अफ्रीका आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बना रहा। हालाँकि कुछ सुधार भी देखा गया—10 देशों में मौतों में कमी आई, जबकि केवल 4 देशों में वृद्धि हुई।
- लगभग 70% आतंकवाद से संबंधित मौतें केवल पाँच देशों - पाकिस्तान, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में हुईं।
- नाइजीरिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जहाँ क्रमशः 237 तथा 102 मौतों की बढ़ोतरी हुई।
- सबसे घातक आतंकवादी संगठन: इस्लामिक स्टेट (IS) विश्व के सबसे घातक आतंकवादी संगठनों में से एक बना हुआ है, जो कई देशों में सक्रिय है।
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