सिएटल में स्वामी विवेकानंद की पहली आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया | 14 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय प्रवासियों के लिये एक ऐतिहासिक क्षण में, हाल ही में सिएटल में संयुक्त राज्य अमेरिका में स्वामी विवेकानंद की पहली आदमकद कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह प्रतिमा उस आध्यात्मिक गुरु को एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पश्चिमी विश्व को भारतीय दर्शन और वेदांत से परिचित कराया था।
मुख्य बिंदु:
- प्रतिमा: स्वामी विवेकानंद की अपनी प्रतिष्ठित खड़ी मुद्रा वाली एक भव्य आदमकद कांस्य प्रतिमा।
- स्थान: यह प्रतिमा सिएटल महानगरीय क्षेत्र के विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में स्थापित की गई है।
- महत्त्व: सिएटल को इसके जीवंत भारतीय-अमेरिकी समुदाय और भारत एवं अमेरिका के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के केंद्र के रूप में इसकी बढ़ती भूमिका के कारण चुना गया था।
- शिकागो की विरासत: यह अनावरण शिकागो में 1893 के विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण की भावना को याद करता है, जिसने अमेरिका में योग और भारतीय आध्यात्मिकता की नींव रखी थी।
- सांस्कृतिक प्रतीकवाद: आयोजकों ने उल्लेख किया कि यह प्रतिमा केवल एक धार्मिक स्मारक नहीं है, बल्कि विश्व बंधुत्व, शांति और वैश्विक युवाओं के लिये उनके संदेश की कालातीत प्रासंगिकता का प्रतीक है।
- सॉफ्ट पावर: यह स्थापना भारत की सांस्कृतिक 'सॉफ्ट पावर' को मज़बूत करती है और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (विश्व एक परिवार है) के दर्शन को प्रदर्शित करती है।
- वैश्विक मान्यता: सिएटल में इस प्रतिमा की स्थापना स्वामी विवेकानंद के बौद्धिक और आध्यात्मिक योगदान की वैश्विक मान्यता में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
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