अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने लॉन्च किया पहला आधार-इंटीग्रेटेड PATHIK सिस्टम | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
गुजरात पुलिस की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच देश की पहली कानून प्रवर्तन एजेंसी बन गई है, जिसने अपने PATHIK सॉफ्टवेयर के साथ आधार-आधारित सत्यापन को आधिकारिक रूप से एकीकृत किया है।
मुख्य बिंदु:
- इस तरह का पहला एकीकरण: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने UIDAI के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत आधार सत्यापन को PATHIK सॉफ्टवेयर में जोड़ा गया है।
- इससे यह भारत में आधार के लिये ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) के रूप में मान्यता प्राप्त करने वाली पहली कानून प्रवर्तन संस्था बन गई है।
- PATHIK सॉफ्टवेयर: PATHIK का पूर्ण रूप है - प्रोग्राम फॉर एनालिसिस ऑफ ट्रैवलर एंड होटल इन्फॉर्मेटिक्स।
- यह गुजरात पुलिस द्वारा सुरक्षा उद्देश्यों से होटलों, पीजी और होमस्टे में ठहरने वाले यात्रियों, मेहमानों तथा निवासियों को ट्रैक करने के लिये उपयोग किया जाने वाला एक एप्लीकेशन है।
- उद्देश्य: इस एकीकरण का लक्ष्य आधार QR कोड स्कैन करके व्यक्तियों का त्वरित, कागज़-रहित और सहमति-आधारित सत्यापन संभव बनाना है।
- गोपनीयता और डेटा सुरक्षा: यह प्रणाली आधार नंबर संग्रहीत नहीं करती, बल्कि सत्यापन के लिये डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित जनसांख्यिकीय विवरण और फोटो का उपयोग करती है।
- व्यापक कार्यान्वयन: पूरे गुजरात में 9,000 से अधिक होटल पहले से ही PATHIK प्रणाली से जुड़े हैं, जिससे पुलिस को 50 से अधिक लापता व्यक्तियों का पता लगाने और कानून प्रवर्तन उद्देश्यों के लिये व्यक्तियों की पहचान करने में सहायता मिली है।
- सरकारी मान्यता: PATHIK परियोजना भारत सरकार द्वारा इसकी तकनीकी उपयोगिता के लिये राष्ट्रीय स्तर पर चुनी गई 11 परियोजनाओं में से एक है।
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