राजस्थान में अग्नि वर्षा 2026 सैन्य अभ्यास | 28 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय सेना द्वारा पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में समेकित अग्नि एवं संचालन अभ्यास (IFME) ‘अग्नि वर्षा’ का आयोजन किया गया, जिसमें मरुस्थलीय युद्ध वातावरण में सेना की उन्नत युद्ध तत्परता, संयुक्त संचालन क्षमता और सटीक अग्नि शक्ति का प्रदर्शन किया गया।
मुख्य बिंदु:
- सैन्य अभ्यास का स्वरूप: समेकित अग्नि एवं संचालन अभ्यास (Integrated Fire and Manoeuvre Exercise – IFME)
- स्थान: पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर
- संचालन परिवेश: मरुस्थलीय एवं अर्द्ध-मरुस्थलीय क्षेत्र
- उद्देश्य: लगभग युद्धक्षेत्र जैसी परिस्थितियों में आक्रामक अभियानों की पुष्टि, समन्वित संचालन (मैन्युवर) तथा सटीक अग्नि शक्ति के प्रयोग का सत्यापन।
- समेकित युद्ध शक्ति: इस सैन्य अभ्यास में यांत्रिकीकृत बलों, तोपखाने और सैन्य विमानन तत्त्वों सहित संयुक्त हथियार प्रणालियों के समन्वित उपयोग का प्रदर्शन किया गया।
- भाग लेने वाले प्लेटफॉर्म और प्रणालियाँ: ‘समेकित संचालन बल’ द्वारा स्वदेशी एवं उन्नत हथियार प्रणालियों की व्यापक शृंखला का उपयोग किया गया—
- बख्तरबंद एवं यांत्रिकीकृत बल: T-90 मुख्य युद्धक टैंक तथा इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स (ICVs)।
- तोपखाना: K-9 वज्र स्वचालित होवित्ज़र, शारंग और बोफोर्स तोप प्रणालियाँ, साथ ही सटीक प्रहार करने वाले रॉकेट प्लेटफॉर्म।
- विमानन: स्वदेशी ALH ध्रुव (WSI) हेलीकॉप्टर तथा AH-64 अपाचे आक्रमण हेलीकॉप्टर।
- ड्रोन: बहु-क्षेत्रीय अभियानों के लिये निगरानी और प्रहार करने वाले विभिन्न प्रकार के ड्रोन।
- प्रौद्योगिकी का समावेशन: सैन्य अभ्यास में आधुनिक युद्धक्षेत्र प्रौद्योगिकियाँ जैसे मानव रहित हवाई प्रणालियाँ (UAS), काउंटर-ड्रोन उपाय और नेटवर्क-आधारित निगरानी संसाधन शामिल किये गए।
- अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति: इस आयोजन को 25 मित्र देशों के विदेशी रक्षा पत्रकारों ने देखा, जिससे भारत के विकसित होते युद्धक सिद्धांत और उसकी विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता को रेखांकित किया गया।