उत्तराखंड में धर्म गार्जियन 2026 का शुभारंभ | 28 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JGSDF) के बीच आयोजित वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्जियन’ का 7वाँ संस्करण फरवरी 2026 में उत्तराखंड के चौबटिया में प्रारंभ हुआ।
मुख्य बिंदु:
- द्विपक्षीय रक्षा सहयोग: धर्म गार्जियन भारत और जापान के बीच आयोजित एक वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जिसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच अंतःक्रियाशीलता तथा परिचालन समन्वय को सुदृढ़ करना है।
- भारतीय सेना का दल लद्दाख स्काउट्स से लिया गया है, जबकि JGSDF का प्रतिनिधित्व 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिक कर रहे हैं।
- मुख्य फोकस क्षेत्र: यह अभ्यास अर्द्ध-शहरी परिवेश में संयुक्त अभियानों की क्षमता को मज़बूत करने, सामरिक योजना को बेहतर बनाने, अभ्यासों का समन्वय करने तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी और खुफिया प्रक्रियाओं को शामिल करने पर केंद्रित है।
- प्रशिक्षण गतिविधियाँ: भाग लेने वाली सेनाएँ विभिन्न सामरिक गतिविधियाँ करेंगी, जिनमें अस्थायी संचालन अड्डे (TOB) की स्थापना, खुफिया-निगरानी-टोही (ISR) ग्रिड का विकास, मोबाइल चेक पोस्ट की स्थापना, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन का संचालन, हेलिबोर्न अभियानों का निष्पादन तथा भवन/घर में हस्तक्षेप (हाउस इंटरवेंशन) अभ्यास शामिल हैं।
- रणनीतिक महत्त्व: यह अभ्यास भारत-जापान के बीच रक्षा संबंधों को सुदृढ़ करता है, क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग में योगदान देता है और संयुक्त परिचालन परिदृश्यों के लिये दोनों सेनाओं की पारस्परिक समझ, पेशेवर दक्षता एवं तत्परता को बढ़ाता है।
- अन्य भारत-जापान सैन्य अभ्यास: JIMEX (जापान-भारत समुद्री अभ्यास), वीर गार्जियन (वायु अभ्यास), शिन्यू मैत्री (वायु अभ्यास), सहयोग काइजिन (कोस्ट गार्ड अभ्यास), मलाबार (भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका)।
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