DGCA ने ATPL के लिये इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल लाइसेंस सर्विस शुरू की | 23 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने जनवरी 2026 में एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) के लिये इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल लाइसेंस (EPL) सेवाएँ शुरू की हैं।
मुख्य बिंदु:
- डिजिटल लाइसेंस: इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल लाइसेंस (EPL) एक सुरक्षित डिजिटल लाइसेंस है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुरूप सुरक्षा विशेषताएँ शामिल हैं।
- इसका उद्देश्य पायलट लाइसेंसों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करना, छेड़छाड़-रोधक व्यवस्था उपलब्ध कराना तथा वास्तविक-समय ऑनलाइन सत्यापन को सक्षम बनाना है।
- एक्सेस प्लेटफॉर्म: पायलट एवं अन्य हितधारक इस लाइसेंस को इलेक्ट्रॉनिक DGCA (eGCA) मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से देख और प्रबंधित कर सकते हैं, जिससे सुविधा तथा पारदर्शिता बढ़ती है।
- पूर्व रोल-आउट: DGCA ने इससे पहले फरवरी 2025 में वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (CPL) और फ्लाइट रेडियो टेलीफोन ऑपरेटर (प्रतिबंधित) लाइसेंस (FRTOL) के लिये EPL सेवाएँ शुरू की थीं।
- नियामक प्रभाव: यह पहल सुरक्षित, आधुनिक और भविष्य-उन्मुख डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से भारत के नागरिक उड्डयन नियामक ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- प्रासंगिकता: EPL पहल ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ के लक्ष्यों के अनुरूप है, क्योंकि इससे भौतिक दस्तावेज़ों पर निर्भरता घटती है तथा विमानन क्षेत्र में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।
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