दलाई लामा ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित | 05 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में आयोजित 68वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार समारोह (2026) में अपना पहला ग्रैमी पुरस्कार जीता।
मुख्य बिंदु
- पुरस्कार और श्रेणी: दलाई लामा ने अपने एल्बम ‘मेडिटेशन्स: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ के लिये सर्वश्रेष्ठ ऑडियो बुक, कथन और कहानी कहने की रिकॉर्डिंग श्रेणी में ग्रैमी पुरस्कार जीता।
- यह उनका पहला ग्रैमी पुरस्कार था, जो उन्होंने 90 वर्ष की आयु में प्राप्त किया, जिससे संगीत के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में एक आध्यात्मिक गुरु के लिये यह अद्वितीय पहचान बन गई।
- समारोह में संगीतकार रूफस वेनराइट ने उनकी ओर से पुरस्कार स्वीकार किया।
- एल्बम की विषयवस्तु: यह एल्बम दलाई लामा की शांति, करुणा, जागरूकता और सार्वभौमिक ज़िम्मेदारी संबंधी शिक्षाओं को संगीत रचनाओं और कथन के साथ मिश्रित करता है, जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक सद्भाव का संदेश फैलाना है।
- सहयोग: इस एल्बम में भारतीय शास्त्रीय संगीत के उस्ताद उस्ताद अमज़द अली खान और उनके बेटों अमान अली बंगश और अयान अली बंगश का योगदान शामिल है, जबकि इसका निर्माण ग्रैमी पुरस्कार विजेता कबीर सहगल ने किया है।
- वैश्विक मान्यता: यह उपलब्धि दलाई लामा की आवाज़ और शिक्षाओं की वैश्विक पहुँच को रेखांकित करती है, जो सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और कलात्मक सीमाओं से परे जाती है।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया: इस उपलब्धि की व्यापक रूप से सराहना की गई, हालाँकि चीनी सरकार ने इसकी आलोचना भी की, जिसने दलाई लामा की स्थिति के संदर्भ में इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बताया।
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