CSIR-NIO की तटीय प्रयोगशाला विशाखापत्तनम में उद्घाटित | 04 Feb 2026

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में विशाखापत्तनम में CSIR-राष्ट्रीय महासागर विज्ञान संस्थान (NIO) के क्षेत्रीय केंद्र की तटीय (शोर-आधारित) प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।

मुख्य बिंदु:

  • अवसंरचना: केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा ₹32 करोड़ की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक सुविधा 4 एकड़ परिसर में फैली है और इसका निर्मित क्षेत्र 4,550 वर्ग मीटर है। यह येंदादा गाँव, ऋषिकोंडा में स्थित है।
  • क्षेत्रीय दायित्व: यह प्रयोगशाला भारत के पूर्वी महाद्वीपीय तट (ECMI) में समुद्री भूवैज्ञानिक एवं भूभौतिकीय सर्वेक्षणों पर केंद्रित होगी।
  • रणनीतिक अनुसंधान: इसका उद्देश्य समुद्र तल की गहराई (बाथीमेट्री) का मानचित्रण करना तथा हिमालयी नदी प्रणालियों से आए अवसादों के प्रभाव से जुड़े हाइड्रोकार्बन, समुद्र-तल खनिज, तेल एवं प्राकृतिक गैस की संसाधन क्षमता की पहचान करना है।
  • समर्थित क्षेत्र: यह केंद्र ONGC और ऑयल इंडिया जैसे हितधारकों के साथ सहयोग करते हुए औषधि उद्योग, बंदरगाह, ताप विद्युत तथा मत्स्य क्षेत्र को समर्थन देगा।
  • नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के लिये महत्त्व: यह प्रयोगशाला उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के मार्ग का पूर्वानुमान लगाने तथा हानिकारक शैवाल प्रस्फुटन की भविष्यवाणी कर तटीय आजीविकाओं की रक्षा में सहायक होगी।
    • आत्मनिर्भरता: गहरे समुद्र के संसाधनों की खोज के माध्यम से यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करेगी और राष्ट्रीय नीली अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण को समर्थन देगी।

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