अंतरिक्ष-आधारित AI डेटा केंद्रों के लिये चीन की योजना | 09 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
चीन ने घोषणा की है कि वह अपनी उन्नत तकनीकी और अंतरिक्ष अवसंरचना रणनीति के तहत आगामी पाँच वर्षों में अंतरिक्ष-आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) डेटा केंद्रों को प्रक्षेपित करने की योजना बना रहा है।
मुख्य बिंदु:
- एकीकृत संरचना: यह योजना क्लाउड, एज और टर्मिनल (डिवाइस) क्षमताओं को समेकित करते हुए एक नई अंतरिक्ष संरचना विकसित करने का लक्ष्य रखती है।
- औद्योगिक-स्तरीय ‘स्पेस क्लाउड’: वर्ष 2030 तक चीन बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा केंद्रों से संचालित कक्षीय ‘स्पेस क्लाउड’ स्थापित करने का इरादा रखता है, जिससे ऊर्जा-गहन AI प्रोसेसिंग को पृथ्वी से कक्षा में स्थानांतरित किया जा सके।
- प्रसंस्करण क्षमता: यह अवसंरचना कंप्यूटिंग शक्ति, भंडारण क्षमता और संचार बैंडविड्थ के ‘गहन एकीकरण’ को सक्षम बनाएगी, जिससे पृथ्वी पर उत्पन्न डेटा को सीधे अंतरिक्ष में संसाधित किया जा सकेगा।
- घरेलू उपलब्धि: एक महत्त्वपूर्ण प्रमाण-कार्य (प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट) के रूप में, अलीबाबा क्लाउड का Qwen-3 मॉडल हाल ही में एक परीक्षण उपग्रह पर कक्षा में सफलतापूर्वक इन्फरेंस चलाकर विश्व का पहला सामान्य-उद्देश्य AI बनने का कीर्तिमान स्थापित किया।
- चीन बनाम स्पेसएक्स: यह घोषणा चीन को स्पेसएक्स की कक्षीय महत्त्वाकांक्षाओं का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बनाती है।
- स्पेसएक्स ने AI कंपनी xAI के साथ विलय के बाद सौर-ऊर्जा संचालित कक्षीय डेटा केंद्रों और अंतरिक्ष कंप्यूटिंग उपग्रहों की योजनाओं को आगे बढ़ाया है।
- संबद्ध चुनौतियाँ: ‘स्पेस क्लाउड’ के लिये उपग्रहों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि (संभावित रूप से मिलियन) टकराव के जोखिम को काफी बढ़ा देती है और अंतरिक्ष संचालन प्रबंधन को और जटिल बनाती है।
- तकनीकी जोखिम: अंतरिक्ष-आधारित हार्डवेयर सौर ज्वालाओं, विकिरण और सूक्ष्म उल्कापिंडों के प्रभावों के प्रति अत्यंत संवेदनशील होता है।