जनगणना 2027 के शुभंकर 'प्रगति' और 'विकास' का अनावरण | 06 Mar 2026

चर्चा में क्यों?

अमित शाह ने हाल ही में जनगणना 2027 के लिये आधिकारिक शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) का अनावरण किया। इसके साथ ही भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना प्रक्रिया को समर्थन देने के लिये डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किये गए।

मुख्य बिंदु:

  • प्रतीक: प्रगति और विकास नामक शुभंकर जनगणना 2027 के जनसंचार प्रतीकों के रूप में कार्य करेंगे, जो नागरिकों के अनुकूल तरीके से जनगणना के बारे में जानकारी प्रसारित करने में मदद करेंगे।
  • समानता का प्रतिनिधित्व: ये राष्ट्र निर्माण में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी का प्रतीक हैं तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना के अनुरूप हैं।
  • उद्देश्य: इन्हें ‘हितैषी जन राजदूत (Friendly Public Ambassadors)’ के रूप में तैयार किया गया है, ताकि जनगणना की प्रक्रिया को अधिक सहज, सहभागितापूर्ण तथा नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके।
  • भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना: जनगणना 2027 भारत के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना होगी।
    • डेटा संग्रह की प्रक्रिया परंपरागत कागज़-आधारित विधियों के स्थान पर सुरक्षित मोबाइल एप्लीकेशन एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपन्न की जाएगी।
  • स्व-गणना (Self-Enumeration) की शुरुआत: नागरिकों को  स्व-गणना (SE) पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्रस्तुत करने का विकल्प दिया जाएगा।
    • जानकारी प्रस्तुत करने के बाद परिवारों को एक स्व-गणना ID प्राप्त होगी, जिसका सत्यापन फील्ड दौरे के दौरान गणनाकर्त्ता (Enumerators) द्वारा किया जाएगा।
  • जाति गणना: वर्ष 1931 के बाद पहली बार दशकीय जनगणना में सभी समुदायों की व्यापक जाति गणना शामिल की जाएगी।
  • कानूनी आधार: यह जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 के अंतर्गत आयोजित की जाती है।

और पढ़ें: जनगणना अधिनियम, 1948