कैप्टन हंसजा शर्मा रुद्रा आर्म्ड हेलीकॉप्टर की पहली महिला पायलट बनीं | 02 Feb 2026

चर्चा में क्यों?

कैप्टन हंसजा शर्मा ने इतिहास रच दिया है, क्योंकि वे भारतीय सेना में रुद्र सशस्त्र हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिये बनने पहली महिला पायलट बन गई हैं। यह अत्याधुनिक हथियारों से लैस हेलीकॉप्टर अग्रिम मोर्चों पर युद्धक भूमिकाओं में इस्तेमाल किया जाता है।

मुख्य बिंदु:

  • ऐतिहासिक उपलब्धि: जहाँ अब तक महिलाएँ परिवहन और उपयोगिता हेलीकॉप्टरों (जैसे चीता और चेतक) को उड़ाती रही हैं, वहीं कैप्टन शर्मा एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH-WSI) रुद्र—एक समर्पित आक्रमण मंच पर स्थानांतरित होने वाली पहली महिला बनी हैं।
  • रुद्र सशस्त्र हेलीकॉप्टर: रुद्र, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) का सशस्त्र संस्करण है। 
    • यह 20 मिमी टर्रेट (Turret) गन, 70 मिमी रॉकेट तथा टैंक-रोधी निर्देशित मिसाइलों से लैस है।
    • इसे निकटवर्ती वायु सहायता (CAS) और उच्च-ऊँचाई वाले युद्ध अभियानों के लिये डिज़ाइन किया गया है।
  • युद्ध भूमिकाओं में लैंगिक समानता: यह उपलब्धि वर्ष 2021 में महिलाओं को आर्मी एविएशन कोर में पायलट के रूप में शामिल करने के निर्णय के बाद संभव हुई। इससे पहले महिलाएँ प्रायः स्थानीय ज़िम्मेदारियों या गैर-युद्धक उड़ानों तक सीमित थीं।
  • एविएशन कोर का आधुनिकीकरण: कैप्टन शर्मा जैसे प्रशिक्षित पायलटों को रुद्र बेड़े में शामिल करने से सेना की आकाशीय ‘आँखों और कानों’ की संचालन क्षमता और मज़बूत होती है।
  • स्वदेशी शक्ति का प्रतीक: रुद्र का संचालन रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर भारत पहल के साथ मानव कौशल के समन्वय को प्रदर्शित करता है।