फरीदाबाद-जेवर हवाई अड्डे के एलिवेटेड कॉरिडोर को मंज़ूरी | 12 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फरीदाबाद को नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) से जोड़ने वाली सड़क संपर्क परियोजना के अंतर्गत 11 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्य बिंदु:
- परियोजना के बारे में: इस स्वीकृति में 11 किमी लंबे एलिवेटेड राजमार्ग के निर्माण को शामिल किया गया है, जिसका उद्देश्य दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के स्पर (जो सेक्टर-65, फरीदाबाद से प्रारंभ होता है) को प्रस्तावित जेवर हवाई अड्डा से उच्च-गति एवं निर्बाध संपर्क प्रदान करना है।
- संशोधित वित्तीय परिव्यय: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने संपूर्ण 31.42 किमी लंबे कनेक्टिविटी कॉरिडोर के लिये 3,630.77 करोड़ रुपये की संशोधित कुल पूंजीगत लागत को स्वीकृति प्रदान की है।
- लागत साझेदारी: 11 किमी के एलिवेटेड खंड की कुल लागत (लगभग 689 करोड़ रुपये) में से हरियाणा सरकार ने 450 करोड़ रुपये का योगदान देने पर सहमति व्यक्त की है।
- यात्रा समय में कमी: परियोजना के पूर्ण रूप से क्रियाशील होने के बाद फरीदाबाद से जेवर हवाई अड्डा के बीच यात्रा समय घटकर लगभग 20–25 मिनट रह जाने की संभावना है।
- कार्यान्वयन एजेंसी: इस परियोजना का क्रियान्वयन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के अंतर्गत किया जा रहा है।
- बहुआयामी एकीकरण: यह परियोजना पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का एक प्रमुख उदाहरण है, जिसके अंतर्गत सड़क, रेल (समर्पित माल गलियारा) तथा वायु परिवहन (जेवर हवाई अड्डा) का एकीकृत विकास किया जा रहा है।
- क्षेत्रीय आर्थिक विकास: फरीदाबाद और पलवल के औद्योगिक केंद्रों को सीधे एक अंतर्राष्ट्रीय कार्गो एवं यात्री केंद्र से जोड़कर यह कॉरिडोर हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स तथा वेयरहाउसिंग क्षेत्रों के विकास को प्रोत्साहित करेगा।
- प्रमुख चौराहे: यह कॉरिडोर यमुना एक्सप्रेसवे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के साथ महत्त्वपूर्ण इंटरचेंज उपलब्ध कराएगा।
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