मध्य प्रदेश में NH-752D के चार-लेन विस्तार को स्वीकृति | 12 Mar 2026

चर्चा में क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने मध्य प्रदेश में राजमार्ग 752D के बदनवार–पेटलावड़–थंदला–तिमरावानी खंड को 4-लेन में विकसित करने के निर्माण कार्य को हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्य बिंदु:

  • लंबाई और लागत: प्रस्तावित उन्नत राजमार्ग खंड की लंबाई लगभग 80.45 किमी होगी तथा इसकी अनुमानित पूंजी लागत 3,839.42 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर क्रियान्वित की जाएगी, जिसके अंतर्गत सरकार और निजी डेवलपर परियोजना की लागत तथा जोखिम को साझा करेंगे, जिससे समयबद्ध निर्माण और प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  • कनेक्टिविटी: यह कॉरिडोर उज्जैन और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित तिमरावानी इंटरचेंज के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, जिससे यातायात का सुगम संचालन तथा माल और यात्रियों की तीव्र आवाजाही सुनिश्चित होगी।
  • रणनीतिक महत्त्व: इस विस्तार से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होने तथा पश्चिमी और मध्य भारत के बाज़ारों एवं औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर पहुँच उपलब्ध होने के कारण निवेश आकर्षित होने की अपेक्षा है।
  • कार्यान्वयन: परियोजना के क्रियान्वयन में विस्तृत योजना निर्माण, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य जैसे चरण शामिल होंगे। साथ ही गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना सुनिश्चित करने के लिये समय-समय पर इसकी निगरानी और मूल्यांकन भी किया जाएगा।
  • परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ:
    • आधुनिक डिज़ाइन मानकों के अनुरूप सड़क सुरक्षा में सुधार
    • यात्रा समय तथा वाहन संचालन लागत में कमी।
    • बाज़ारों, शहरी केंद्रों और औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क
  • उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को सुदृढ़ बनाना, क्षेत्रीय आवागमन को अधिक सुगम बनाना तथा मध्य प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करना है।

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