बिहार मुफ्त दवा वितरण में अग्रणी | 12 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
बिहार राज्य सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के मामले में देश में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में अपनी स्थिति बनाए हुए है और सितंबर 2024 से लगातार 18 महीनों से प्रथम स्थान पर बना हुआ है। यह रैंकिंग भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निगरानी की जाने वाली औषधि एवं टीका वितरण प्रबंधन प्रणाली (DVDMS) के आँकड़ों पर आधारित है।
मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य: इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक रोगी को चिकित्सा देखभाल तथा आवश्यक दवाएँ निशुल्क उपलब्ध हों, जिससे विशेष रूप से कम आय वर्ग और संवेदनशील समूहों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम किया जा सके।
- लागू किये गए सुधार: स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के लिये आवश्यक दवाओं की सूची (EDL) को लागू किया गया है तथा एक केंद्रीकृत दवा प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है।
- इसके अतिरिक्त, एक सुनियोजित रेफरल प्रणाली के माध्यम से छोटे स्वास्थ्य केंद्रों से रोगियों को उन्नत उपचार हेतु बड़े अस्पतालों में समय पर स्थानांतरित करना संभव हो पाता है।
- जनता का विश्वास: दवाओं की निरंतर उपलब्धता ने सरकारी अस्पतालों के प्रति जनविश्वास को सुदृढ़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप अधिक लोग उपचार के लिये इन संस्थानों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
- राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया कि अस्पतालों के प्रबंधन तथा दवा आपूर्ति प्रणाली में किये गए सुधारों के कारण राज्य लगातार शीर्ष स्थान प्राप्त करने में सफल रहा है।
- प्रभाव: यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ बनाती है, सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार करती है तथा विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के लिये स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुँच सुनिश्चित करती है।
- महत्त्व: बिहार का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिये निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा दवा उपलब्धता और अस्पताल प्रबंधन सुधारों को सुदृढ़ करने का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।