AERB ने माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना के लिये खुदाई को स्वीकृति दी | 03 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) ने राजस्थान में माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (MBRAPP) की इकाई 1 और 2 के लिये खुदाई कार्य को स्वीकृति दे दी है, जो राज्य में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बिंदु:
- स्वीकृति: AERB ने माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना की इकाई 1 और 2 के लिये खुदाई कार्य शुरू करने की अनुमति प्रदान की है।
- यह परियोजना अनुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (ASHVINI) द्वारा विकसित की जा रही है, जो न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) और NTPC लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उद्यम है।
- शिलान्यास: इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर 2025 में किया गया था।
- परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹42,000 करोड़ है।
- स्थान: माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िले में माही नदी के निकट स्थित है।
- परियोजना क्षमता: इस परमाणु ऊर्जा परियोजना में 700 मेगावाट के प्रेसराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) की चार इकाइयाँ होंगी, जिनकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 2,800 मेगावाट होगी।
- PHWR में प्राकृतिक यूरेनियम का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है, जबकि भारी जल (ड्यूटेरियम ऑक्साइड) शीतलक और मॉडरेटर दोनों के रूप में कार्य करता है।
- फ्लीट मोड कार्यक्रम: यह परियोजना भारत के ‘फ्लीट मोड’ परमाणु कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में एक ही डिज़ाइन के कई रिएक्टरों का निर्माण कर लागत को कम करना और निर्माण की गति बढ़ाना है।
- ऊर्जा सुरक्षा: यह परियोजना भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को सुदृढ़ करने और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक होगी।
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