प्रीलिम्स फैक्ट्स : 23 जनवरी, 2019

15वाँ प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas-PBD)


15वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन वाराणसी, उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है।

  • इस बार प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas-PBD) सम्मेलन की थीम ‘नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका’ (Role of Indian Diaspora in building New India) है।
  • 14वें प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन 7 से 9 जनवरी, 2017 को बंगलूरू, कर्नाटक में किया गया था जिसकी थीम ‘प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को पुनर्भाषित करना’ (Redefining Engagement with the Indian Diaspora) थी।
  • सम्मेलन के दौरान भारत के साथ-साथ विदेशों के भी विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले प्रवासी भारतीयों का चयन किया जाता है तथा उनके योगदान को मान्यता देने के लिये प्रतिष्ठित प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (Pravasi Bharatiya Samman Award) से सम्मानित किया जाता है।
  • PBDA प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।

पृष्ठभूमि

  • प्रवासी भारतीय दिवस मनाने का निर्णय पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने लिया था।
  • पहले प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन 9 जनवरी, 2003 को नई दिल्‍ली में हुआ था। प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजन के लिये 9 जनवरी का दिन इसलिये चुना गया था क्‍योंकि वर्ष 1915 में इसी दिन महात्‍मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आये थे।
  • अब प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन हर दो साल में एक बार किया जाता है।
  • यह आयोजन विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को सरकार के साथ काम करने और अपनी जड़ो से दोबारा जुड़ने का मंच उपलब्‍ध कराता है।

सी विजिल 2019 (Sea Vigil 2019)


समुद्र के रास्ते होने वाले हमले के खिलाफ देश की रक्षा तैयारियों की समीक्षा करने के लिये के भारतीय नौसेना का दो दिवसीय रक्षा अभ्यास 22 जनवरी, 2019 को शुरू हुआ।

      • इस अभ्यास को ‘सी विजिल 2019’ नाम दिया गया है और इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाला यह पहला अभ्यास है।
      • यह सुरक्षा अभ्यास तटीय रक्षा के कमांडर इन चीफ व दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि के निरीक्षण में आयोजित किया जा रहा है और इसकी निगरानी संयुक्त अभियान केंद्र, कोच्चि कर रहा है।
      • इस दो दिवसीय अभ्यास के दौरान पूरे देश के तटीय और विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) को कवर किया जाएगा।
      • इस अभ्यास का उद्देश्य मुंबई आतंकवादी हमले के बाद से किये गए उपायों की प्रभावकारिता को व्यापक और समग्र रूप से सुदृढ करना करना है।
      • इस वृहद् अभ्यास का मुख्य लक्ष्य तटीय क्षेत्रों की समग्र सुरक्षा और समुद्री मार्ग के माध्यम से घुसपैठ द्वारा एक हमले को विफल करने में उनकी तैयारी का परीक्षण करना है।
      • उल्लेखनीय है की पिछले दस वर्षों में तटरक्षक बल ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर 347 ऑपरेशन और 180 तटीय सुरक्षा अभ्यास किये हैं, जिनमें तटीय सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण करने के लिये आयोजित किया जाने वाला एक अर्द्धवार्षिक अभ्यास सागर कवच (Sagar Kavach) भी शामिल है।

केरियन गंडियाल पुल (Kerrian Gandyal bridge)


हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने जम्मू के कठुआ ज़िले में निर्मित केरियन गंडियाल पुल को राष्ट्र को समर्पित किया।

  • इस पुल का निर्माण कठुआ ज़िले में रावी नदी पर किया गया है और इसके निर्माण में तीन साल का समय लगा है।
  • रावी नदी पर 1.2 किमी लंबे इस पुल का निर्माण 158.84 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है और इससे अंतर-राज्यीय सड़क संपर्क में सुधार होगा।
  • इस परियोजना से जम्मू के कठुआ और पंजाब के पठानकोट में रहने वाले लगभग 2,20,000 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
  • इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी 45 किलोमीटर से घटकर 8.6 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

पाक्के पागा हॉर्नबिल फेस्टिवल (Pakke Paga Hornbill Festival)


हाल ही में अरुणाचल प्रदेश सरकार ने पाक्के पागा हॉर्नबिल फेस्टिवल (PPHF), राज्य के एकमात्र संरक्षण महोत्सव को ‘राज्य उत्सव’ घोषित किया।

  • हॉर्नबिल [निशि/न्यिशी (Nyishi) भाषा में ’पागा’) के नाम पर पाक्के पागा महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव किया गया था।
  • इस उत्सव का पहला संस्करण जनवरी 2015 में अरुणाचल प्रदेश के सिजोसा (Seijosa) में आयोजित किया गया था।
  • यह महोत्सव अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग (East Kameng) ज़िले के सिजोसा के दारलोंग (Darlong) गाँव में आयोजित किया जाता है।

उद्देश्य

  • पाक्के तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों में स्थानीय न्यिशी समुदायों एवं अन्य समुदायों द्वारा राज्य में हॉर्नबिल के संरक्षण में निभाई गई भूमिका को लोकप्रिय बनाना।
  • अरुणाचल प्रदेश में हॉर्नबिल और वन्यजीवों के संरक्षण के महत्त्व पर ध्यान देना और इन शानदार पक्षियों के शिकार को कम करने की आवश्यकता पर जोर देना।
  • अरुणाचल प्रदेश की सांस्कृतिक और वन्यजीव विरासत, विशेष रूप से पक्के/पाक्के टाइगर रिजर्व (Pakke Tiger Reserve) के बारे में शहरी भारतीयों और बाहरी आगंतुकों के बीच रुचि और जागरूकता पैदा करना।