सर्वाधिक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण

प्रीलिम्स के लिये:

भारतमाला परियोजना

मेन्स के लिये:

आधारभूत संरचना के विकास हेतु केंद्र सरकार द्वारा किये गए प्रयास

चर्चा में क्यों?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India-NHAI) द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 में सर्वाधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है।

प्रमुख बिंदु:

  • NHAI द्वारा किसी भी वित्तीय वर्ष में किये गए राजमार्गों का निर्माण तुलनात्मक रूप से वित्तीय वर्ष 2019-20 में सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में NHAI ने  3,979 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है।
    • जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में 3,380 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण  हुआ था।
    • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) के राजमार्ग विकास कार्यक्रमों में से एक ‘भारतमाला परियोजना’ (Bharatmala Pariyojana) है। 

भारतमाला परियोजना (Bharatmala Pariyojana):

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017-18 से भारतमाला कार्यक्रम चलाया जा रहा है। 
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी ‘भारतमाला परियोजना’ के प्रथम चरण के तहत 5,35,000 करोड़ रुपये की लागत से 34,800 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जाएगा।
  • इसके अंतर्गत आर्थिक कॉरीडोर, फीडर कॉरीडोर और इंटर कॉरीडोर, राष्ट्रीय कॉरीडोर, तटवर्ती सड़कें, बंदरगाह संपर्क सड़कें आदि का निर्माण किया जाएगा।
  • इस कार्यक्रम की अवधि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2021-22 तक है। चरण-1 में कुल 34,800 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाना है, जिसमें शामिल हैं:
    • 5,000 किलोमीटर राष्ट्रीय कॉरीडोर।
    • 9,000 किलोमीटर आर्थिक कॉरीडोर।
    • 6,000 किलोमीटर फीडर कॉरीडोर और इंटर कॉरीडोर।
    • 2,000 किलोमीटर सीमावर्ती सड़कें।
    • 2,000 किलोमीटर तटवर्ती सड़कें एवं बंदरगाह संपर्क सड़कें।
    • 800 किलोमीटर हरित क्षेत्र एक्सप्रेस वे।
    • 10,000 किलोमीटर अधूरे सड़क निर्माण कार्य।
  • इस परियोजना के तहत निर्माण कार्य करने वाली मुख्य एजेंसियाँ इस प्रकार हैं: 
  • भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग और औद्योगिक विकास निगम तथा लोक निर्माण विभाग।
  • लाभ:
    • पूरे देश में सड़क संपर्क में सुधार।
    • आर्थिक गलियारों से कार्गो की त्वरित आवाजाही में वृद्धि।
    • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि।
    • निवेश में तेज़ी एवं रोज़गार सृजन में वृद्धि होने की संभावना।

राजमार्गों के निर्माण में तेज़ी लाने हेतु निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

  • भूमि अधिग्रहण के नियम को सरल बनाना।
  • भूमि अधिग्रहण तथा परियोजनाओं से संबंधित विभिन्न मंज़ूरियों प्राप्त होने के बाद ही परियोजनाएँ देने की अनुमति होनी चाहिये।
  • अन्य मंत्रालयों और राज्य सरकारों के साथ निकट समन्वय बनाना।
  • एकमुश्त (One Time) धन उपलब्ध कराना।
  • विभिन्न स्तरों पर नियमित समीक्षा और परियोजना के कार्यान्वयन में रुकावटों की पहचान कर उन्हें दूर करना।
  • सड़क क्षेत्र के ऋणों का प्रतिभूतिकरण।

BharatMala

स्रोत: पीआईबी