प्रश्न. उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं कृषि क्षेत्रों पर तकनीकी नवाचार के प्रभाव की विवेचना कीजिये। (8 अंक)
20 Mar 2026 | सामान्य अध्ययन पेपर 5 | उत्तर प्रदेश स्पेशल
दृष्टिकोण / व्याख्या / उत्तर
हल करने का दृष्टिकोण:
- उद्योग और कृषि क्षेत्र को बदलने में नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डालिये।
- विकास, रोज़गार और क्षेत्रीय संतुलन पर इसके प्रभाव का आकलन कीजिये। प्रासंगिक नीतियों का सुझाव दीजिये।
- समावेशी और संतुलित विकास के उपायों के साथ निष्कर्ष लिखिये।
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तकनीकी नवाचार आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देता है, उत्पादकता में वृद्धि करता है और रोज़गार सृजन करता है, जबकि रणनीतिक नीतियाँ समावेशी विकास सुनिश्चित करती हैं और क्षेत्रीय असमानताओं को निम्न करती हैं।
तकनीकी नवाचारों के प्रभाव हैं:
विनिर्माण और MSME को बढ़ावा
- उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकियाँ (AI, IoT, रोबोटिक्स) कपड़ा, चमड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में उत्पादकता को बढ़ावा देती हैं।
- सैमसंग के संयंत्र सहित नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स हब ने हज़ारों की संख्या में रोज़गार सृजन किया है।
- स्टार्टअप्स और डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास
- यूपी की स्टार्टअप पॉलिसी 2020 ने फिनटेक, एग्रीटेक और एडटेक में इनोवेशन को बढ़ावा देते हुए 1,500+ स्टार्टअप को बढ़ावा दिया है। उदाहरण: Paytm (नोएडा स्थित) ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए डिजिटल भुगतान में क्रांति ला दी है।
- बुनियादी ढाँचा और स्मार्ट सिटी
- भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) योजना, AI-संचालित यातायात प्रबंधन और स्मार्ट ग्रिड शहरी बुनियादी ढाँचे में सुधार करते हैं।
कृषि क्षेत्र
- ड्रोन, मृदा सेंसर और AI के माध्यम से सटीक खेती, ड्रिप सिंचाई और सौर पंप जैसी जल-कुशल तकनीकों के साथ, फसल की पैदावार बढ़ा रही है और जलवायु-अनुकूलित खेती को बढ़ावा दे रही है, विशेषकर बुंदेलखंड के सूखा-प्रवण क्षेत्रों में।