Q. प्रयागराज भारत के ऐतिहासिक और पौराणिक शहरों में से एक है, जिसका अतीत और वर्तमान गौरवशाली है। चर्चा कीजिये।
16 Mar 2026 | सामान्य अध्ययन पेपर 5 | उत्तर प्रदेश स्पेशल
हल करने का दृष्टिकोण:
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प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शहरों में से एक है, जो गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर स्थित है, जिसे त्रिवेणी के नाम से जाना जाता है, जो हिंदू धर्म में एक पवित्र स्थल है। ऐतिहासिक रूप से प्रयाग के रूप में पहचाना जाने वाला यह शहर प्रारंभिक आर्यों का निवास स्थान था और रामायण, महाभारत एवं पुराणों जैसे हिंदू धर्मग्रंथों में इसका बहुत सम्मान किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने यहाँ 'प्रकृष्ट यज्ञ' किया था, जिसके कारण इसे तीर्थ राज यानी तीर्थयात्राओं का राजा कहा गया।
मुख्य भाग
सोम, वरुण और प्रजापति जैसे देवताओं की जन्मस्थली होने के कारण इस शहर का पौराणिक कथाओं से गहरा नाता है। भारद्वाज, दुर्वासा और पन्ना जैसे प्राचीन ऋषियों का यहाँ निवास स्थान था, भारद्वाज ने कथित तौर पर 5000 ईसा पूर्व के आसपास 10,000 शिष्यों को शिक्षा दी। निकटवर्ती कौशाम्बी वत्स और मौर्य राजवंशों के अधीन फला-फूला, यहाँ सम्राट अशोक ने तृतीय शताब्दी ईसा पूर्व में शिलालेखों के साथ एक स्तंभ का निर्माण किया।
1575 में, सम्राट अकबर ने शहर का नाम इलाहाबास रखा, जो बाद में इलाहाबाद बना। यह मुगलों की एक महत्त्वपूर्ण प्रांतीय राजधानी रहा और बाद में मराठाओं के नियंत्रण में आ गया, जिसे वर्ष 1801 में ब्रिटिशों को सौंप दिया गया। यह शहर वर्ष 1857 के विद्रोह और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाता रहा, जहाँ महात्मा गांधी ने अपना अहिंसक आंदोलन शुरू किया। प्रयागराज ने नेहरू, शास्त्री और इंदिरा गांधी समेत कई प्रधानमंत्री दिये हैं।
प्रयागराज एक प्रशासनिक और शैक्षणिक केंद्र है, जहाँ इलाहाबाद उच्च न्यायालय, यूपी बोर्ड, MNIT, IIIT और इलाहाबाद विश्वविद्यालय स्थित हैं। शिक्षा और राजनीतिक चेतना का केंद्र होने के कारण यह एक जीवंत और ऐतिहासिक रूप से महत्त्वपूर्ण शहर है।