Q. पिछले दशक में भारत की एक्ट ईस्ट और नेबरहुड फर्स्ट नीतियों ने बिम्सटेक में इसकी भूमिका को किस प्रकार प्रभावित किया है? (उत्तर 200 शब्दों में दीजिये)
05 Mar 2026 | सामान्य अध्ययन पेपर 2 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध
दृष्टिकोण / व्याख्या / उत्तर
हल करने का दृष्टिकोणः
- एक क्षेत्रीय बहुपक्षीय संगठन के रूप में बिम्सटेक के संक्षिप्त अवलोकन से शुरुआत कीजिये।
- इस बात पर प्रकाश डालिये कि एक्ट ईस्ट नीति किस तरह बिम्सटेक के भीतर संपर्क, आर्थिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है। इसी तरह, बताइए कि नेबरहुड फर्स्ट नीति किस तरह द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करती है, विकास सहायता का समर्थन करती है और क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देती है।
- उचित निष्कर्ष निकालिये।
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परिचय
बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिये बंगाल की खाड़ी पहल (BIMSTEC) 1997, एक क्षेत्रीय बहुपक्षीय संगठन है। इसके सदस्यों में बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्याँमार और थाईलैंड शामिल हैं। भारत की एक्ट ईस्ट और नेबरहुड फर्स्ट नीतियों ने पिछले एक दशक में BIMSTEC के साथ इसकी भागीदारी को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन रणनीतियों का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ाना है, जिससे आपसी चुनौतियों और अवसरों के लिये अधिक एकीकृत दृष्टिकोण की सुविधा मिलती है।
मुख्य भाग
भारत की एक्ट ईस्ट नीति और बिम्सटेक पर इसका प्रभावः
- उन्नत कनेक्टिविटी पहलः एक्ट ईस्ट नीति का ध्यान परिवहन और संचार अवसंरचना के विकास पर केंद्रित है, जिससे बिम्सटेक सदस्य देशों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा मिल सके।
- भारत-म्याँमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग पहल का उद्देश्य भारत, म्याँमार और थाईलैंड के बीच सड़क संपर्क में सुधार करना तथा बिम्सटेक देशों के भीतर व्यापार और आवागमन को सुविधाजनक बनाना है।
- सुदृढ़ आर्थिक सहयोगः व्यापार समझौतों और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देकर, यह नीति बिम्सटेक के भीतर गहरे आर्थिक संबंधों और निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करती है।
- फरवरी 2004 में हस्ताक्षरित बिम्सटेक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की रूपरेखा में वस्तुओं, सेवाओं और निवेश में व्यापार पर बातचीत के लिये प्रावधान स्थापित किये गए हैं।
- समुद्री सुरक्षा पर ध्यानः नीति समुद्री सहयोग को प्राथमिकता देती है, बंगाल की खाड़ी में सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करती है और सदस्य देशों के बीच सहयोगात्मक समुद्री पहल को बढ़ाती है।
- पैनेक्स 21 का आयोजन बिम्सटेक देशों के बीच किया गया है।
- सांस्कृतिक एवं लोगों के बीच आदान-प्रदानः एक्ट ईस्ट नीति सांस्कृतिक कूटनीति और पर्यटन को बढ़ावा देती है तथा ऐसे आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है, जो बिम्सटेक देशों के बीच सामाजिक संबंधों को मज़बूत करते हैं।
भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और बिम्सटेक पर इसका प्रभावः
- मज़बूत राजनयिक संबंधः नेबरहुड फर्स्ट नीति पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने, बिम्सटेक के भीतर भारत के प्रभाव और नेतृत्व को मज़बूत करने पर ज़ोर देती है।
- विकास सहायता और क्षमता निर्माणः भारत बिम्सटेक देशों को विकासात्मक सहायता और तकनीकी सहायता प्रदान करता है, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास तथा क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिलता है।
- सहयोगात्मक सुरक्षा ढाँचाः यह नीति बिम्सटेक सदस्यों के बीच आतंकवाद-रोधी और आपदा प्रबंधन सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए सामूहिक सुरक्षा उपायों को प्रोत्साहित करती है।
- व्यापार और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देनाः नेबरहुड फर्स्ट नीति बिम्सटेक के भीतर व्यापार सुविधा और आर्थिक एकीकरण के प्रयासों का समर्थन करती है, जिससे एक अधिक सुसंगत क्षेत्रीय बाजार का निर्माण होता है।
निष्कर्ष
भारत की एक्ट ईस्ट और नेबरहुड फर्स्ट नीतियों ने इसे बिम्सटेक में एक महत्त्वपूर्ण अभिकर्त्ता के रूप में प्रभावी रूप से स्थापित किया है, जिससे सहयोग को बढ़ावा मिलता है जो साझा चुनौतियों का समाधान करता है तथा क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देता है। जैसे-जैसे सदस्य देश भविष्य के शिखर सम्मेलनों की तैयारी कर रहे हैं, व्यापक साझेदारी को आगे बढ़ाने की मंशा बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में आपसी विकास और स्थिरता के लिये एक आशाजनक मार्ग बनी हुई है।