UP PCS Mains-2025

Q. पिछले कुछ वर्षों में भारत-वियतनाम द्विपक्षीय संबंध किस प्रकार विकसित हुए हैं, साथ ही वे प्रमुख घटक और हालिया घटनाक्रम क्या हैं जो आज इस साझेदारी को परिभाषित करते हैं? (उत्तर 125 शब्दों में दीजिये)

06 Mar 2026 | सामान्य अध्ययन पेपर 2 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध

दृष्टिकोण / व्याख्या / उत्तर

हल करने का दृष्टिकोणः

  • भारत-वियतनाम संबंधों की दीर्घकालिक और रणनीतिक प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए शुरुआत कीजिये।
  • प्रमुख ऐतिहासिक मील के पत्थरों और हाल के घटनाक्रमों के माध्यम से संबंधों के विकास की रूपरेखा तैयार कीजिये।
  • इस साझेदारी के आशाजनक भविष्य पर ज़ोर देते हुए निष्कर्ष निकालिये।

परिचय

भारत और वियतनाम के बीच दीर्घकालिक और मज़बूत संबंध हैं, जो आपसी सम्मान और रणनीतिक सहयोग पर आधारित हैं। जनवरी 2018 में वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूती मिली, जो उनके कूटनीतिक इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण क्षण था।

मुख्य भाग

भारत-वियतनाम संबंधों का विकासः

  • 1954: जिनेवा समझौते के बाद भारत ने पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण के लिये अंतर्राष्ट्रीय आयोग के सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जिससे औपचारिक राजनयिक जुड़ाव की शुरुआत हुई।
  • 1972: 7 जनवरी को पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित हुए, जिससे भावी सहयोग की आधारशिला रखी गई।
  • 2007: भारत और वियतनाम ने अपने संबंधों को सामरिक साझेदारी तक उन्नत किया।
  • 2016: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान इस साझेदारी को आगे बढ़ाकर व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया।
  • 2020: एक आभासी शिखर सम्मेलन के दौरान ष्शांति, समृद्धि और लोगों के लिये संयुक्त दृष्टिकोणष् को अपनाया गया, जिसमें भविष्य के सहयोग के लिये रोडमैप की रूपरेखा तैयार की गई।
  • 2024-28: व्यापक रणनीति साझेदारी को लागू करने के लिये कार्य योजना की घोषणा की गई।
  • 2022: रक्षा साझेदारी पर संयुक्त दृष्टिकोण

हालिया घटनाक्रम

  • उच्च स्तरीय बैठकेंः 2023 G7 प्लस शिखर सम्मेलन और COP-28 सहित नेताओं के बीच नियमित बातचीत, रणनीतिक संवाद के महत्त्व को उजागर करती है।
  • आर्थिक सहयोगः 2023 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 14.82 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जिससे बढ़ते आर्थिक संबंधों पर बल मिला।
  • रक्षा सहयोगः वियतनाम को INS कृपाण मिसाइल कार्वेट का उपहार तथा हालिया रक्षा वार्ताएँ गहन होते सैन्य संबंधों को दर्शाती हैं।
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदानः योग और बौद्ध संबंधों को बढ़ावा देने सहित पर्यटन तथा सांस्कृतिक पहलों के माध्यम से लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाना।
  • विकास साझेदारीः भारत ने मेकांग गंगा सहयोग ढाँचे के अंतर्गत क्षमता निर्माण पहल और त्वरित प्रभाव परियोजनाओं के माध्यम से वियतनाम को समर्थन देना जारी रखा है।

निष्कर्ष

भारत-वियतनाम के बीच विकसित होते रिश्ते, जो उच्च स्तरीय आदान-प्रदान और बहुआयामी सहयोग द्वारा रेखांकित हैं, भविष्य के लिये बहुत आशाजनक हैं। चूँकि दोनों देश क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान करने के लिये मिलकर काम करते हैं, इसलिये उनकी साझेदारी साझा मूल्यों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिये प्रतिबद्धता का प्रमाण है।