प्रश्न. भारत में मत्स्य एवं जलीय कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में किस प्रकार महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं? चर्चा कीजिये। (उत्तर 200 शब्दों में दीजिये)
10 Mar 2026 | सामान्य अध्ययन पेपर 3 | अर्थव्यवस्था
हल करने का दृष्टिकोणः
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मत्स्य एवं जलीय कृषि क्षेत्र को एक उभरते हुए (sunrise) क्षेत्र के रूप में माना जाता है, क्योंकि इसमें तीव्र विकास की संभावना है और यह अर्थव्यवस्था में लगातार बढ़ता योगदान दे रहा है। यह क्षेत्र आर्थिक विकास को गति देने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और रोजगार सृजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान में यह राष्ट्रीय सकल मूल्य संवर्धन (GVA) में लगभग 1.24% तथा कृषि GVA में लगभग 7.28% का योगदान देता है। वर्ष 2022-23 में भारत ने 17.54 मिलियन टन मछली उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया और वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
क्षेत्र की वृद्धि के प्रमुख कारक
आर्थिक योगदान:
विदेशी मुद्रा अर्जन: समुद्री उत्पादों के निर्यात से भारत को उल्लेखनीय विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। वित्त वर्ष 2022-23 में समुद्री उत्पादों का निर्यात लगभग 8.09 अरब डॉलर रहा।
ग्रामीण आजीविका: यह क्षेत्र लगभग 2.8 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है।
सहायक उद्योगों का विकास: बर्फ उत्पादन, नाव निर्माण और मछली प्रसंस्करण जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलता है।
खाद्य सुरक्षा और पोषण:
मछली प्रोटीन, आवश्यक वसा अम्ल, विटामिन और खनिजों का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
प्रौद्योगिकी और नवाचार:
जलीय कृषि तकनीकें: बायोफ्लॉक, रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) और केज कल्चर जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है।
सतत् प्रबंधन: मत्स्य संसाधनों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिये टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
सरकारी पहलें
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY): मत्स्य उत्पादन, अवसंरचना और विपणन को बढ़ावा देने के लिये शुरू की गई।
ब्लू रिवोल्यूशन कार्यक्रम: आधुनिक तकनीकों और क्षमता निर्माण के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने पर केंद्रित है।
मछुआरों के लिये किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): वर्ष 2018-19 में शुरू किया गया, जिससे मछुआरों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध हो सके।
चुनौतियाँ
अत्यधिक मछली पकड़ना, प्रदूषण, तथा कोल्ड स्टोरेज और परिवहन अवसंरचना की कमी जैसी समस्याएँ इस क्षेत्र के विकास में बाधा बनती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिये मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) की स्थापना की गई।
भविष्य की संभावनाएँ
मत्स्य क्षेत्र भारत की ब्लू इकोनॉमी रणनीति का महत्त्वपूर्ण भाग है और सतत् समुद्री संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देता है।
उचित नीतिगत समर्थन, अनुसंधान और निजी निवेश के माध्यम से यह क्षेत्र खाद्य सुरक्षा, आर्थिक विकास और सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकता है।