UP PCS Mains-2025

प्रश्न . संवेगात्मक बुद्धिमत्ता (EI) को परिभाषित कीजिये। बताइए कि प्रत्येक घटक लोक प्रशासन में प्रभावी नेतृत्व में कैसे योगदान देता है।

10 Mar 2026 | सामान्य अध्ययन पेपर 4 | सैद्धांतिक प्रश्न

दृष्टिकोण / व्याख्या / उत्तर

हल करने का दृष्टिकोण:

  • संवेगात्मक बुद्धिमत्ता को परिभाषित कीजिये।
  • संवेगात्मक बुद्धिमत्ता के प्रमुख घटकों का मूल्यांकन कीजिये।
  • लोक प्रशासन और नेतृत्व में इसकी प्रासंगिकता बताइए।
  • प्रत्येक घटक के लिये, प्रभावी नेतृत्व में उसके योगदान की व्याख्या कीजिये।
  • प्रत्येक घटक को स्पष्ट करने के लिये प्रासंगिक उदाहरण और केस स्टडी प्रदान कीजिये।
  • इस बात पर प्रकाश डालिये कि EI किस प्रकार बेहतर प्रशासन और नेतृत्व की ओर ले जाता है।

परिचय

संवेगात्मक बुद्धिमत्ता (EI) किसी व्यक्ति की अपनी भावनाओं के साथ-साथ दूसरों की भावनाओं को समझने और प्रबंधित करने की क्षमता है। इसमें संवेगात्मक स्थितियों को पहचानना, उनके प्रभावों को समझना और व्यवहार तथा निर्णय लेने के लिये इस जागरूकता का उपयोग करना शामिल है।

मुख्य भाग

EI के प्रमुख घटक:

आत्म-जागरूकता:
अपनी भावनाओं को पहचानने और समझने की क्षमता।

नेतृत्व में योगदान:
नेताओं को उनकी ताकत और कमज़ोरियों को समझने में सहायता करती है।
चिंतनशील सोच को बढ़ावा देता है, जिससे बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलती है।

उदाहरण: माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला, जो अपनी आत्म-जागरूकता के लिये जाने जाते हैं, संगठन के भीतर समानुभूति और निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।

स्व-नियमन:
विघटनकारी भावनाओं और आवेगों को नियंत्रित करने या पुनर्निर्देशित करने की क्षमता।

नेतृत्व में योगदान:
नेतृत्व कार्यों में स्थिरता और विश्वसनीयता को प्रोत्साहित करता है।
संवेगात्मक विस्फोटों को रोकता है जो संबंधों और विश्वास को नुकसान पहुँचा सकते हैं।

उदाहरण: वर्ष 2008 के वित्तीय संकट के दौरान, वॉरेन बफेट ने शांत और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखा, जिससे निवेशकों और हितधारकों को स्थिरता और विश्वास मिला।

प्रेरणा:
धन या प्रतिष्ठा से परे किसी भी कारण से कार्य करने का जुनून, जो लक्ष्यों को प्राप्त करने की आंतरिक इच्छा से प्रेरित होता है।

नेतृत्व में योगदान:
प्रतिबद्धता और उत्साह के माध्यम से दूसरों को प्रेरित करता है।
सकारात्मक कार्य वातावरण को बढ़ावा मिलता है, टीम का प्रदर्शन बढ़ता है।

उदाहरण: भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने शिक्षा और विकास के प्रति अपने समर्पण से लाखों लोगों को प्रेरित किया तथा युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिये प्रेरित किया।

समानुभूति:
दूसरों की संवेगात्मक बनावट को समझने और उनकी संवेगात्मक प्रतिक्रियाओं के अनुसार उनके साथ व्यवहार करने की क्षमता।

नेतृत्व में योगदान:
समझ और करुणा के माध्यम से मज़बूत संबंध बनाता है।
संघर्ष समाधान और बातचीत करने के कौशल को बढ़ाता है।

उदाहरण: न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने क्राइस्टचर्च मस्जिद गोलीबारी के दौरान गहरी समानुभूति दिखाई और उनकी दयालु प्रतिक्रिया के लिये उन्हें विश्व स्तर पर प्रशंसा मिली।

सामाजिक कौशल:
संबंधों को प्रबंधित करने और नेटवर्क बनाने में दक्षता।

नेतृत्व में योगदान:
प्रभावी संचार और टीमवर्क को सुविधाजनक बनाता है।
संगठन के भीतर परिवर्तन को प्रभावित करने और नेतृत्व करने में सहायता करता है।

उदाहरण: संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने द्विदलीय संबंध बनाने और जनता के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने के लिये अपने मज़बूत सामाजिक कौशल का उपयोग किया।

निष्कर्ष

इस प्रकार, लोक प्रशासन में प्रभावी नेतृत्व के लिये संवेगात्मक बुद्धिमत्ता महत्त्वपूर्ण है। संवेगात्मक बुद्धिमत्ता के प्रत्येक घटक — आत्म-जागरूकता, आत्म-नियमन, प्रेरणा, समानुभूति और सामाजिक कौशल — एक संतुलित, अनुकूलित और प्रेरक नेतृत्व शैली बनाने में योगदान करते हैं।