Postal Course | Test Series | Crash Course
ध्यान दें:

प्रीलिम्स फैक्ट्स

  • 24 Jan, 2019
  • 11 min read
विविध

प्रीलिम्स फैक्ट्स : 24 जनवरी, 2019

भारत-अफ्रीका फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास-2019
India-Africa Field Training Exercise (IAFTX)- 2019


भारतीय अफ्रीका फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास (IAFTX)-2019 की तैयारियों से संबंधित कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिये पुणे में एक सम्मेलन का आयोजन किया गया।

  • इस अभ्यास से संबंधित प्रारंभिक योजना दिसंबर 2018 में आयोजित सम्मेलन में ही तैयार कर ली गई थी।
  • इस सम्मेलन में मिस्र (Egypt), घाना (Ghana), नाइजीरिया (Nigeria), सेनेगल (Senegal), सूडान (Sudan), दक्षिण अफ्रीका (South Africa), तंज़ानिया (Tanzania), नामीबिया (Namibia), मोज़ाम्बिक (Mozambique), युगांडा (Uganda), नाइजर (Niger) और जाम्बिया (Zambia) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • IAFTX-2019 का आयोजन 18 से 27 मार्च, 2019 तक पुणे के औंध मिलिट्री स्टेशन (Aundh Military Station) और कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (College of Military Engineering) में किया जाएगा।
  • यह संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास भारत और एक दर्जन से अधिक अफ्रीकी देशों के बीच किया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य मानवीय मूल्यों को बढ़ाने और संयुक्त शांति अभियानों को गति देना है।
  • IAFTX-2019 अफ्रीकी महाद्वीप के सदस्य राष्ट्रों के साथ बढ़ते राजनीतिक और सैन्य संबंधों की दिशा में एक सकारात्मक कदम है और इससे इन देशों के साथ पहले से ही मज़बूत रणनीतिक सहयोग को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day)


24 जनवरी को पूरे भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। ध्यातव्य है कि अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 11 अक्तूबर को मनाया जाता है।

  • राष्ट्रीय बालिका दिवस 2019 की थीम ‘उज्ज्वल कल के लिये लड़कियों का सशक्तीकरण’ (Empowering Girls for a Brighter Tomorrow) है।
  • इस दिवस को मनाने की शुरुआत पहली बार 2008 में महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी।
  • इसका उद्देश्य लड़कियों के सामने आने वाली विषमताओं को उजागर करना, बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा के महत्त्व, स्वास्थ्य और पोषण, गिरते हुए बाल लिंग अनुपात (Child Sex Ratio-CSR) सहित कई विषयों पर जागरूकता को बढ़ावा देना और बालिकाओं के आस-पास सार्थक वातावरण बनाना है।

काजीरंगा के दो गैंडों को मिला नया घर (Two Rhinos of Kaziranga Find a New Home)


हाल ही में दो गैंडों (Rhinos), जो वर्ष 2016 में काजीरंगा नेशनल पार्क में आई बाढ़ के कारण विस्थापित हो गए थे, को मानस राष्ट्रीय उद्यान में रखा गया है।

  • उल्लेखनीय है कि जब ये गैंडे विस्थापित हुए थे तब बहुत ही छोटे थे। इन दोनों को काजीरंगा के वन्यजीव पुनर्वास और संरक्षण केंद्र (Center for Wildlife Rehabilitation and Conservation-CWRC) में एक साथ रखा गया था।
  • वर्ष 2002 में CWRC की शुरुआत के बाद से विभिन्न कारणों से काजीरंगा नेशनल पार्क के जंगलों में फँसे 50 से अधिक गैंडों के बच्चों को बचाया जा चुका है, इनमें से अधिकांशतः ऐसे थे जो बाढ़ के कारण विस्थापित हो गए थे।
  • वर्तमान में मानस नेशनल पार्क में गैंडों की संख्या 38 है।
  • मानस नेशनल पार्क में गैंडों का संवर्द्धन ‘ब्रिंग बैक मानस, ए यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट’ (Bring Back Manas, A UNESCO World Heritage Site) नामक पहल का हिस्सा था।

मानस नेशनल पार्क

  • अद्वितीय जैव विविधता और परिदृश्य से भरा मानस नेशनल पार्क, असम राज्य में भूटान-हिमालय की तलहटी में स्थित है।
  • यह वर्ष 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) के तहत बाघ अभयारण्यों के नेटवर्क में शामिल होने वाले प्राथमिक अभयारण्यों में से एक है।
  • वर्ष 1985 में यूनेस्को (UNESCO) ने मानस वन्यजीव अभयारण्य को विश्व विरासत स्थल (World Heritage Site) का दर्ज़ा प्रदान किया था।
  • विश्व धरोहर स्थल घोषित होने के सात साल बाद ही इस अभयारण्य को ‘खतरनाक’ घोषित कर दिया गया था लेकिन वर्ष 2011 में IUCN तथा यूनेस्को की वैश्विक धरोहर समिति की सलाह के बाद इसे ‘खतरनाक’ अभयारण्यों की सूची से बाहर निकाल दिया गया था।
  • वर्ष 1989 में इसे बायोस्फीयर रिज़र्व (Biosphere Reserve) तथा वर्ष 1990 में नेशनल पार्क का दर्जा दिया गया।

रोशनी एप (Roshni App)


दृष्टिबाधित लोगों को आसानी से करेंसी नोटों के मूल्य निर्धारण में सहायता के लिये ‘रोशनी’ (Roshni) नामक एंड्रॉइड एप विकसित किया गया है।

  • इस एप को पंजाब के रोपड़ स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institute of Technology) ने विकसित किया है।
  • इसको विकसित करने के लिये इमेज प्रोसेसिंग और एनालिटिक्स का उपयोग किया गया है।
  • रोशनी पहला एंड्रॉइड एप है जो विमुद्रीकरण के बाद चलन में आए नए नोटों की सफलतापूर्वक पहचान कर सकता है।
  • यह एप एक रूपांतरणीय तथा गहन अध्ययन करने में सक्षम संरचना का उपयोग करता है, जो आगे चलकर नोटों पर बने अलग-अलग पैटर्न और विशेषताओं का उपयोग कर अलग-अलग मूल्य के नोटों में अंतर स्थापित करता है।
  • संस्थान की IPSA (इमेज प्रोसेसिंग, सिक्योरिटी एंड एनालिटिक्स) लैब ने विभिन्न मुद्रा नोटों की 13, 000 से अधिक छवियों का एक समृद्ध डेटासेट तैयार किया।
  • इसमें उपयोगकर्त्ता को करेंसी नोट को फोन के कैमरे के सामने लाना होगा और एप ऑडियो अधिसूचना के ज़रिये उपयोगकर्त्ता को करेंसी नोट के मूल्य के बारे में बताएगा।
  • इसके अलावा Microsoft द्वारा विकसित Seeing AI एकमात्र एप है जो पुराने और नए दोनों प्रकार के भारतीय नोटों की पहचान करता है।

सुभाष चंद्र बोस


23 जनवरी, 2019 को सुभाष चंद्र बोस की 122वीं जयंती मनाई गई।

  • इस अवसर पर लाल किले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय (Subhas Chandra Bose Museum) का उद्घाटन किया गया तथा सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार की घोषणा भी की गई।

सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय

  • इस विशेष संग्रहालय में सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फौज से संबंधित विभिन्न वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। इनमें नेताजी द्वारा इस्तेमाल की गई लकड़ी की कुर्सी, तलवार, पदक, बैच और आज़ाद हिंद फौज की वर्दी आदि शामिल हैं।
  • इस संग्रहालय में आजाद हिंद फौज के बारे में भी लोगों को जानकारी मिलेगी।

सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार

  • सभी भारतीय नागरिक और संगठन जिन्होंने आपदा प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों यथा रोकथाम, तैयारी, बचाव, राहत, पुनर्वास, शोध या पूर्व चेतावनी में विशिष्ट योगदान दिया है, वे सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के योग्य हैं।
  • इस पुरस्कार के तहत 51 लाख रुपए की नकद धनराशि तथा एक प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
  • वर्ष 2019 के लिये गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (National Disaster Response Force-NDRF) की आठवीं बटालियन को आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिये सुभाष चंद्र बोस आपदा पुरस्कार हेतु चयनित किया गया है।

वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक – 2019 (Global Talent Competitive Index 2019)

  • हाल ही में जारी वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक 2019 में भारत को 80वाँ स्थान मिला है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में जारी इस सूचकांक में भारत को 81वाँ स्थान प्राप्त हुआ था।
  • इस सूचकांक के अंतर्गत वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्द्धा में देशों की क्षमता की माप की जाती है।
  • इसे इनसीड (INSEAD) बिजनेस स्कूल द्वारा टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) और एडिको समूह (Adecco Group) के सहयोग से जारी किया गया है।
  • इस बार सूचकांक की थीम ‘उद्यमी प्रतिभा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा’ (Entrepreneurial Talent and Global Competitiveness) है।
  • इस बार सूचकांक में 125 देशों को शामिल किया गया है।
  • सूचकांक में शीर्ष 5 स्थान प्राप्त करने वाले देश क्रमशः स्विट्ज़रलैंड, सिंगापुर, अमेरिका, नॉर्वे तथा डेनमार्क हैं।
  • यह सूचकांक कुछ मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है जैसे कि नियुक्ति में सहजता, लैंगिक आधार पर आय में असमानता एवं व्यवसाय का प्रसार।
  • इस बार भारत की सबसे प्रमुख चुनौती प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने की अपनी क्षमता में सुधार करना है।
  • भारत को बढ़ती लैंगिक असमानता तथा अल्पसंख्यकों और अप्रवासी के प्रति असहिष्णुता के संबंध में आंतरिक स्तर पर सुधार करने की आवश्यकता है।

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close