1. हम पृथ्वी को पूर्वजों से प्राप्त संपत्ति नहीं मानते, बल्कि इसे भावी पीढ़ियों से ली गई ज़िम्मेदारी समझते हैं।2. तकनीक के क्षेत्र में जो कुछ भी संभव है, वह सब नैतिक रूप से वांछनीय नहीं है।
प्रश्न का उत्तर जल्द ही प्रकाशित होगा।