प्रश्न: “निष्क्रिय इच्छामृत्यु विधि, नैतिकता तथा चिकित्सीय निर्णय-निर्माण के जटिल अंतर्संबंधों को उद्घाटित करती है।” विश्लेषण कीजिये कि भारतीय न्यायालयों ने विकसित होती न्यायिक व्याख्याओं के माध्यम से इन आयामों के मध्य संतुलन स्थापित करने का किस प्रकार प्रयास किया है। (250 शब्द)
17 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्थाप्रश्न का उत्तर जल्द ही प्रकाशित होगा।