• प्रश्न :

    ‘कार्य-संस्कृति’ से आपका क्या तात्पर्य है? क्या किसी समाज/देश की संस्कृति वहाँ के संगठनों की कार्य-संस्कृति को प्रभावित करती है?

    24 Jun, 2017 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न

    उत्तर :

    कार्य-संस्कृति से तात्पर्य उस संपूर्ण वातावरण से है, जो किसी कार्यालय/संगठन में कार्य के अनुकूल या प्रतिकूल कर्मचारियों की मनोवृत्तियाँ निर्धारित करता है। प्रायः प्रत्येक संगठन की एक विशिष्ट कार्य-संस्कृति होती है। हालाँकि, यदि संगठन का आकार बहुत बड़ा है (जैसे कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी), तो उसके विभिन्न हिस्सों में एक से अधिक (यहाँ तक कि परस्पर विरोधी भी) कार्य-संस्कृतियाँ भी हो सकती हैं। ‘संगठन संस्कृति’, ‘निगम संस्कृति’ या ‘कंपनी संस्कृति’ भी कार्य-संस्कृति के ही पर्याय हैं।

    कार्य-संस्कृति किसी संगठन के विभिन्न पक्षों में अभिव्यक्त होती है, जैसे-संगठन का उद्देश्य क्या है, अपनी सामाजिक भूमिका के प्रति उसकी राय क्या है, कर्मचारियों पर कैसी आचरण-संहिता तथा नियमावलियाँ लागू होती हैं, उसके कर्मचारियों की सामान्य आदतें किस प्रकार की हैं, इत्यादि। 

    किसी संगठन की कार्य-संस्कृति काफी हद तक उस देश/समाज की मूल संस्कृति से प्रभावित होती है, जिस देश/समाज में वह संगठन कार्यरत है। होफ्सटेड ने इस संबंध में ‘सांस्कृतिक आयाम का सिद्धांत’ प्रस्तुत किया है, जिसका सार यही है कि संस्कृति ‘कार्य-संस्कृति’ को व्यापक स्तर पर प्रभावित करती है, यथा-

    • यदि किसी समाज की संस्कृति में व्यक्तिवाद अधिक हावी है, तो वहाँ के संगठन में भी कर्मचारी अपने संगठन पर आर्थिक व भावनात्मक दृष्टि से कम निर्भर होगा तथा उसकी व्यक्तिगत पहचान को सामाजिक पहचान पर वरीयता दी जाएगी। दूसरी ओर, यदि संस्कृति में सामूहिक ढाँचों का अधिक महत्त्व है, तो व्यक्ति अपने संगठन पर अधिक निर्भर होगा तथा उसकी सामाजिक पहचान को अधिक महत्त्व मिलेगा।
    • अगर समाज में सांस्कृतिक विविधता है तथा विविधता के प्रति लचीलापन व सम्मान का भाव है, तो कार्य-संस्कृति में भी विभिन्न वर्गों का बेहतर अनुपात होगा और समावेशी विकास होगा। उराहरण के तौर पर वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति की तथाकथित ‘संरक्षणवादी’ या ‘सिर्फ अमेरिकन’ की नीति का वहाँ की फेसबुक, माक्रोसॉफ्ट, टेसला, गूगल जैसे कंपनियों ने विरोध किया है क्योंकि अमेरिकी संस्कृति ‘विविधता’ को सम्मान देती है इसीलिये इन संगठनों की कार्य-संस्कृति भी प्रतिभाओं के साथ क्षेत्र के आधार पर भेदभाव नहीं करती।
    • कोई संस्कृति सहजता पर अधिक बल देती है अथवा औपचारिकता पर, इसका प्रभाव कार्यालय के माहौल में दृष्टिगत हो जाता है।

    परंतु, वर्तमान में यह सार्वभौमिक सिद्धांत नहीं रह गया है कि संस्कृति किसी संगठन की ‘कार्य-संस्कृति को आवश्यक रूप  से प्रभावित करे। वैश्वीकरण के चलते विभिन्न संगठन भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में भी एक समान कार्य-संस्कृति को अपनाते हैं।