संसद टीवी संवाद

हवाई यात्रा- आचरण और नियम | 04 Feb 2020 | आंतरिक सुरक्षा

संदर्भ

पिछले कुछ दशकों में देश ने जहाँ विकास के विभिन्न क्षेत्रों में भारी निवेश को आकर्षित किया है, वहीं बाज़ार के इस उदारीकरण के परिणामस्वरूप हवाई यात्रा जैसी अनेक ऐसी सुविधाओं तक आम जनता की पहुँच बढ़ी है, जिन्हें एक समय तक विलासिता (Luxury) का माध्यम माना जाता था। वर्तमान में हवाई यात्रा का चलन बहुत आम हो गया है और बीते कुछ वर्षों में यात्रियों द्वारा हवाई यात्रा के दौरान अभद्र व्यवहार की अनेक मामले देखने को मिलें हैं। हवाई अड्डों पर यात्रियों के बढ़ते इस दबाव के बीच यात्रियों की सकुशल एवं सुरक्षित यात्रा के लिये कुछ नियम बनाए गए हैं। इनमें से कुछ नियम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये परिचालकों पर जबकि अन्य हवाई जहाज़ या सह-यात्रियों की सुरक्षा में बाधा पहुँचा रहे लोगों पर लागू होते हैं। हवाई यात्रा के दौरान अभद्र व्यवहार या हिंसा करने वाले व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही उन्हें नो-फ्लाई लिस्ट में भी डाला जा सकता है। दुनिया के कई देशों में नो-फ्लाई लिस्ट की व्यवस्था है, इस लिस्ट में नामित व्यक्ति को एक निश्चित अवधि के लिये हवाई यात्रा से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

अभद्र यात्रियों पर कार्रवाई हेतु नियम:

हवाई यात्रा के दौरान सह-यात्रियों या चालकदल के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतों से निपटने के लिये नागर विमानन मंत्रालय (Ministry Of Civil Aviation) ने सितंबर 2017 में कुछ नियम जारी किये थे। इसके अंतर्गत हवाई यात्रा के दौरान बुरा बर्ताव करने वाले यात्रियों की एक राष्ट्रव्यापी सूची तैयार करने की अवधारण प्रस्तुत की गई।

नागर विमानन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation-DGCA) ने इसके लिये टोक्यो समझौते (1963) के प्रावधानों के अनुसार, अभद्र व्यवहार करने वाले यात्रियों से निपटने से जुड़े प्रासंगिक नियमों में बदलाव लिये। संशोधित नियम सभी भारतीय एयरलाइंस पर लागू होते हैं, जिसमें हवाई यात्रा और माल ढुलाई सेवाएँ शामिल हैं।

नए नियमों के तहत नो-फ्लाई लिस्ट (No-Fly List) में अभद्र व्यवहार या गलत आचरण को तीन स्तरों (श्रेणियों) में परिभाषित किया गया है-

इसके अतिरिक्त यात्रा के दौरान उपद्रवी व्यक्ति को गिरफ्तार कर उस पर वायुयान नियम-1937 के नियम 22,23 व 29 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

टोक्यो समझौता-1963: जापान की राजधानी टोक्यो में 14 सितंबर, 1963 को ‘टोक्यो समझौता’ पर हस्ताक्षर किये गए तथा 4 दिसंबर, 1969 से यह समझौता प्रभाव में आया।

इन नियमों के तहत भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों दोनों के मामलों में कार्रवाई की जा सकती है। वर्ष 1963 के टोक्यो समझौते के अनुसार ये नियम विदेशी एयरलाइंस पर भी लागू होते हैं।

अभद्र यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया:

मामले की गंभीरता के आधार पर सूची का विभाजन:

इस लिस्ट में दो तरह के यात्रियों को सूचीबद्ध किया जाएगा-

1. जिन्हें अवधि विशेष के लिये प्रतिबंधित किया गया है।

2. जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये खतरा माना गया हो।

प्रतिबंधों के फैसलों के खिलाफ अपील:

भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र की सर्वोच्च संस्थाएँ:

नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA):

नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA ) नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) के क्षेत्र में एक नियामक संस्था है, जो हवाई सुरक्षा, दुर्घटना आदि मामलों की जाँच करती है।

नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो

(Bureau of Civil Aviation Security-BCAS):

इसके अतिरिक्त भारत में हवाई यात्रा और हवाई अड्डे की सुरक्षा के लिये कई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन किया जाता है, इनमें से कुछ नियम निम्नलिखित हैं-

उड्डयन क्षेत्र के नियम दो प्रकार के होते हैं। पहले, वे जो उड्डयन क्षेत्र में कार्यरत सेवा प्रदाताओं (विमान कंपनियों, केटरिंग आदि) पर लागू होते हैं तथा दूसरे, वे नियम जो गलत आचरण या गैर-कानूनी गतिविधियों के लिये यात्रियों पर लागू होते हैं।

हाल ही में विमानन क्षेत्र में यात्रियों और हवाई जहाज़ की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इनके प्रति यात्रियों की ज़िम्मेदारी तय करने के लिये कई नियम लाए गए हैं।

विमान अपहरण या इसकी अफवाह फैलाने पर सज़ा :

हवाई यात्रा के लिये ज़रूरी आचरण और नियम:

देश में स्थानीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को सुरक्षित बनाने के लिये यात्रियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन और जाँच प्रक्रिया में सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करेंगे। यात्रियों की सुरक्षा के लिये नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा सुरक्षा विनियम जारी किये जाते हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं-

चेक-इन बैगेज के रूप में प्रतिबंधित सामान:

कई हानिकारक सामानों को केबिन बैगेज या चेक-इन सामान के साथ भी नहीं ले जाया जा सकता।

अभ्यास प्रश्न: वर्तमान समय में हवाई यात्रा में लोगों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, भारत में नागरिक उड्डयन सुरक्षा से संबंधित नियमों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली तथा इनके महत्त्व की विवेचना कीजिये।